साढ़े तीन वर्षों में रेल में चोरी की 55,369 घटनाएं… कौन करेगा कारवाई?

भारत में पिछलें साढ़े तीन वर्षों से ट्रेनों में चोरी और डकैती के मामलें बढ़े है| बीते तीन वर्षों में यात्रियों के सामान की चोरी के कुल 55,369 तथा लूटपाट एवं डकैती के 1570 घटनाएं घटी हैं| भारतीय रेल में चलती ट्रेन से यात्रियों के सामान चोरी होने की घटनाओं से निपटने के लिए रेलवे पुलिस प्रशासन द्वारा नए-नए प्रयास किए जाते है, बावजूद इसके चोरी-डकैती के मामलें थमने का नाम नहीं ले रहे|

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भारत में पिछलें साढ़े तीन वर्षों से ट्रेनों में चोरी और डकैती के मामलें बढ़े है| बीतें तीन वर्षों में यात्रियों के सामान की चोरी के 55,369 तथा लूटपाट एवं डकैती के 1570 घटनाएं घटी हैं| भारतीय रेल में चलती ट्रेन से यात्रियों के सामान चोरी होने की घटनाओं से निपटने के लिए रेलवे पुलिस प्रशासन द्वारा नए-नए प्रयास किए जाते है, बावजूद इसके चोरी-डकैती के मामलें थमने का नाम नहीं ले रहे|

रेलवे मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2012 में 5,174 चोरी के मामलें थे, जो 2013 में बढ़कर 6,258 हो गए और 2014 में यह संख्या 7,606 हो गई थी। वेस्ट सेंट्रल रेलवे क्षेत्र में चोरी की संख्या 1,754 थी| वहीँ वर्ष 2015 में ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी के 12,592 घटनाएं हुई जबकि लूटपाट एवं डकैती के 555 मामलें दर्ज किए गए|

वर्ष 2016 में ट्रेनों में चोरी की 14,619 घटनाएं सामनें आई है जबकि लूटपाट एवं डकैती के 441 मामलें दर्ज किए गए| इस अवधि में जहरखुरानी के 218 मामलें दर्ज किए गए|

हाल ही में वर्ष 2018 के आंकडें बतातें है कि जून माह तक ट्रेनों में चोरी के कूल 9222 मामलें दर्ज किए गए है जबकि लूटपाट एवं डकैती के 159 मामलें है| ऐसे अपराधों के संदर्भ में 1378 लोगों को हिरासत में लिया गया है|

सिलसिलेवार रूप से सामनें आ रहे चोरी मामलें में रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि चिन्हित मार्गों एवं खंडों पर कई राज्यों की राजकीय पुलिस द्वारा 2200 गाड़ियों के मार्गरक्षण तथा रेल सुरक्षा बल द्वारा औसतन 2500 गाड़ियों की निगरानी की जाती है| यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारतीय रेल के लगभग 394 स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाती है| आगे उन्होंने बताया कि यात्रियों को सुरक्षा संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए हेल्पलाइन नंबर ‘182’ कार्य कर रहा है|

रेल मंत्री का बयान

ट्रेनों में बढती चोरी के मामलें में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सुरक्षा राज्य का विषय है। रेलवे पुलिस की जिम्मेदारी केवल रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा करना है। चोरी आदि के मामलों में रेलवे पुलिस राज्य पुलिस की मदद करती है। राज्य पुलिस ही चोरी आदि के मामलों में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई करती है।

पीयूष गोयल ने कहा कि चोरी जिस राज्य में हुई, उससे पता चलता है कि वहां कानून व्यवस्था की क्या स्थिति है। आगे कहा कि रेलवे सारी ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर सीसीटीवी लगाने की योजना बना रही है। इससे यात्रियों एवं रेलवे की बेहतर सुरक्षा में मदद मिलेगी।

ट्रेनों में हो रही चोरी पर लगाम लगाने के लिए ज़रूरी है कि रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा के लिए कर्मचारी लगाए है, साथ ही मामलें को गंभीरता से लेते हुए हर कोच में सिपाही तैनात किए जाए|

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साढ़े तीन वर्षों में रेल में चोरी की 55,369 घटनाएं... कौन करेगा कारवाई?
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साढ़े तीन वर्षों में रेल में चोरी की 55,369 घटनाएं... कौन करेगा कारवाई?
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भारत में पिछलें साढ़े तीन वर्षों से ट्रेनों में चोरी और डकैती के मामलें बढ़े है| बीते तीन वर्षों में यात्रियों के सामान की चोरी के कुल 55,369 तथा लूटपाट एवं डकैती के 1570 घटनाएं घटी हैं| भारतीय रेल में चलती ट्रेन से यात्रियों के सामान चोरी होने की घटनाओं से निपटने के लिए रेलवे पुलिस प्रशासन द्वारा नए-नए प्रयास किए जाते है, बावजूद इसके चोरी-डकैती के मामलें थमने का नाम नहीं ले रहे|
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The Policy Times
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