टॉप 10 में ‘आईआईटी मद्रास’ पहले स्थान पर… वहीँ, वैश्विक उच्च शिक्षा में भारत पिछड़ा…जानिए क्या कहती है रिपोर्ट!

‘राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क’ में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी) को पहला स्थान हासिल हुआ है| सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा आईआईटी मद्रास ने शीर्ष स्थान हासिल किया| ओवरऑल श्रेणी में आईआईटी मद्रास ने पहला, भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु ने दूसरा और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली का तीसरा स्थान रहा|

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‘राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क’ में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी) को पहला स्थान हासिल हुआ है| सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा आईआईटी मद्रास ने शीर्ष स्थान हासिल किया| ओवरऑल श्रेणी में आईआईटी मद्रास ने पहला, भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु ने दूसरा और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली का तीसरा स्थान रहा|

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में उच्च शिक्षण संस्थानों की मानव संसाधन और विकास मंत्रालय की राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2019 जारी की| एमएचआरडी ने नौ श्रेणियों के लिए एनआईआरएफ रैंकिंग-2019 जारी की है जिसमें ओवरऑल, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, कॉलेजों, प्रबंधन, फार्मेसी, चिकित्सा, वास्तुकला और कानून शामिल है|

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यह रैंकिंग शिक्षण, सीखने और संसाधनों, अनुसंधान और पेशेवर प्रथाओं, स्नातक परिणामों, आउटरीच और समावेशिता और धारणा के आधार पर की जाती है|

विश्व के शीर्ष विश्वविद्यालयों में भारत की स्थति ख़राब

जहाँ एक ओर भारत में कुछ नामचीन विश्वविद्यालयों का स्थान टॉप पर है वहीँ, दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर भारत के विश्वविद्यालयों की स्थति में अब तक कुछ ख़ास सुधार नहीं हो पाया है| दुनिया के शीर्ष उच्च शिक्षा संस्थानों की रैकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों की प्रदर्शन सुधरने की बजाय और नीचे गिरा है|

‘टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी की 2018’ की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 250 शीर्ष संस्थानों में एक भी भारतीय नहीं है| इस रिपोर्ट में विश्व के एक हजार विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता का आकलन किया गया था|

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस’ 201-250 की श्रेणी से नीचे खिसक गया है| आईआईटी दिल्ली, कानपुर और मद्रास, खड्गपुर, रुड़की भी 401-500 की रैंकिंग से लुढ़ककर 501 से 600 के दायरे में चला गया है|

आईआईटी बॉम्बे की रैंकिंग 351-400 के बीच की है| बीएचयू तो 601 से 800 के दायरे में है| संतोष की बात रही कि शोध आय और गुणवत्ता के पैमाने पर भारतीय संस्थानों में सुधार पाया गया है|

हालांकि, ज्यादातर संस्थान अंतरराष्ट्रीयकरण के पैमाने पर खरे नहीं उतरे| रिपोर्ट के अनुसार, भारत में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित है और फैकल्टी की स्थिति सुधारने के लिए विदेशी शिक्षकों की भर्ती के मामले में भी कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हो पाई है|

फण्ड की कमी

इसमें संदेह नहीं कि पिछले 50 वर्षो में भारत ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है| वर्ष 1950 और 2014 के बीच भारत में विश्वविद्यालयों की संख्या में 34 गुना वृद्धि हुई जबकि 1950 और 2013 के बीच महाविद्यालयों की संख्या में 74 गुना वृद्धि हुई| भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों में वृद्धि तो हुई है परन्तु उच्च शिक्षा के क्षेत्र में धन की कमी सबसे बड़ी कमी के रूप में देखी जाती रही है और अब तक देखी जा रही है|

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भारत में शिक्षा, उच्च शिक्षा और अनुसंधान के रास्ते में एक बड़ी बाधा है धन की कमी| यदि कोई केंद्रीय वित्त मंत्री उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट इस क्षेत्र में आवंटित कर दे तो भारत के शिक्षा जगत की तस्वीर बदली जा सकती है और ऐसा हो, तो शायद भारतीय छात्रों को विदेशी संस्थानों में ओर जाने की ज़रूरत महसूस नहीं होगी|

2017-18 के आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक भारत में जीडीपी के प्रतिशत के रूप में शिक्षा पर 2012-13 में 3.1 प्रतिशत से घटकर 2015-16 में 2.4 प्रतिशत हो गया था जबकि 2017-18 के बजट में मामूली वृद्धि के साथ 2.7 प्रतिशत था|

शिक्षा पर कुल खर्च में से, सरकार उच्च शिक्षा पर जीडीपी का लगभग 1 प्रतिशत खर्च करती है, जो कि विकसित देशों की तुलना में बहुत कम है| यूनाइटेड स्टेट्स और यूनाइटेड किंगडम, जिनके पास दुनिया के शीर्ष रैंक वाले उच्च शिक्षा संस्थान हैं,  अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 1.37 प्रतिशत और 1.34 प्रतिशत खर्च करता है।

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IITs dominate first-ever Indian university rankings
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‘राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क’ में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी) को पहला स्थान हासिल हुआ है| सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा आईआईटी मद्रास ने शीर्ष स्थान हासिल किया| ओवरऑल श्रेणी में आईआईटी मद्रास ने पहला, भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु ने दूसरा और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली का तीसरा स्थान रहा|
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The Policy Times