स्वतंत्रता दिवस 2018: पीएम मोदी ने ‘आयुष्मान भारत’ का ऐलान किया… रोजगार सहित अन्य मुद्दों पर खामोश रहे

वित्त वर्ष 2018-19 के आम बजट में केंद्रीय सरकार ने ‘आयुष्मान भारत योजना’ की घोषणा की थी जो स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में अच्छी पहल है पर इस योजना के बारे में देशवासियों को सरकार और स्वास्थ्य मंत्री पहले भी बता चूके है|

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Independence Day 2018: PM announces “Ayushman Bharat”

स्वतंत्रता दिवस की 72वीं वर्षगाँठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने अति महत्वाकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भारत’ का ऐलान किया जो 25 सितम्बर को देशभर में लागू की जाएगी| इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 82 मिनट की लम्बी स्पीच में देश के गंभीर मुद्दों को उठाया और बड़े ही सूचीबद्ध  ढंग से लोगों के समक्ष रखा| इस बात पर कोई संदेह नहीं कि नरेन्द्र मोदी एक प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ एक अच्छे वक्ता भी है जो इनकी व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता है |

वित्त वर्ष 2018-19 के आम बजट में केंद्रीय सरकार ने ‘आयुष्मान भारत योजना’ की घोषणा की थी जो स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में अच्छी पहल है पर इस योजना के बारे में देशवासियों को सरकार और स्वास्थ्य मंत्री पहले भी बता चूके है| देश भर में इस योजना के ज़रिए सरकार सुर्खियाँ बटोर रहीं है पर सच यह कि इस योजना ने गरीबी रेखा से निचे के परिवार के लिए 2008 में पेश ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा’ की जगह ली है जिसमें 30 हज़ार रुपये सालाना बीमा का लाभ दिया गया था और अब यही योजना ‘आयुष्मान भारत’ और ‘मोदी केयर’ के नाम पर वाहवाही ले रही है| यह योजना प्रति वर्ष 10 करोड़ अपेक्षाकृत बीपीएल परिवारों को 5-5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा का लाभ देगी| इन सब के बीच कुछ सवाल भी खड़े हुए है कि 2000 करोड़ की इस योजना के लिए सरकार इतनी बड़ी रकम का इंतज़ाम कहाँ से करेगी?

आयुष्मान भारत के ज़रिए गरीब परिवारों को कितना लाभ मिल पाएगा यह कहना अभी जल्दबाज़ी है क्यूंकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि योजना का क्रियान्वयन लोगों के बीच किस तरह होता है पर ऐसी योजनाओं का लाभ ज़रूरतमंदों के बजाए बीमा कंपनियों को अधिक होता है| यह योजना पिछली सरकार के दौरान लाई गई योजना के सामान ही है पर एक अंतर जो ‘आयुष्मान भारत’ को पिछली योजना से अलग करती है वह है ‘कैशलेस’| यह योजना पूरी तरह कैशलेस होगी| वित्त मंत्री राजनाथ सिंह ने यह बताया था कि योजना ट्रस्ट मॉडल या इन्सुरेंस मॉडल पर काम करेगी जो पूरी तरह कैशलेस होगी|

गौरतलब है कि जो गरीबी रेखा से निचे परिवार है क्या वें इतने सक्षम है जो डिजिटल तौर-तरीकों से योजना को समझ पायें और लाभ ले पायें? यदि सरकार गरीबों के स्वास्थ्य पर इतना ही संजीदा है तो देश में स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढाँचो, अस्पतालों और संस्थाओं की कमी को अब तक पूरा क्यों नहीं की? यह बात किसी से छिपी नहीं कि उत्तरप्रदेश, झारखण्ड और बिहार जैसे बड़े राज्यों के जिला अस्पतालों की हालत आज भी ख़राब है|

प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लुभा देने वाला भाषण दिया जिसे सुनकर वाकई लगा कि भारत विकास की राह पर है और देश की बेटियाँ भी अब सुरक्षित है| उन्होंने जीएसटी की फाएदे बताए पर नोटबंदी का ज़िक्र नहीं किया और न ही 2014 में रोजगार देने के किए वादे पर| आज रोजगार देश के अहम मुद्दों में से एक है जिसका आक्रोश युवाओं की नाराजगी से दिखता है| इसके अलावा उन्होंने  आद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य पर इन पांच सालों में क्या-क्या किया इस पर उन्होंने ज़िक्र नहीं किया||

महिलाओं के मुद्दों पर प्रधानमंत्री ने लम्बी-चौड़ी फेहरिस्त पेश की पर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है| अब बेटियों शेल्टर होम में भी सुरक्षित नहीं है| तीन तलाक के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री जी ने मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा और हक़ की बात की परन्तु गौ रक्षा के नाम मुसलमानों और दलितों पर होने वाले हमलों और हत्याओं पर कुछ नहीं कहा|

गरीबों के उत्त्थान और उनके विकास पर भी बड़े-बड़े वादों का ढोल पीटा लेकिन इसी सरकार के कार्यकाल में कॉर्पोरेट घरानों के लोग अधिक लाभान्वित हुए| किसानों के मुद्दों, मजदूरों और नौजवान के वास्तविक मुद्दों पर ज्यादा कुछ नहीं कहा| वैसे तो प्रधानमंत्री मोदी की छवि व्यवहारिक और ज़मीनी स्तर से जुड़े राजनीतिज्ञ के रूप में की जाती है पर हकीकत में इनकी योजनाए ज़मीनी स्तर से ऊपर ही होती है|

बहरहाल, प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में जिस महत्वकांशी योजना का ऐलान किया और 10 करोड़ परिवारों को लाभ देने का जो वादा किया वह आने वाले समय में ही मालुम होगा कि देश के प्रधानमंत्री गरीबों के लिए कितने फिक्रमंद है|

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स्वतंत्रता दिवस 2018: पीएम मोदी ने ‘आयुष्मान भारत’ का ऐलान किया... रोजगार सहित अन्य मुद्दों पर खामोश रहे
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स्वतंत्रता दिवस 2018: पीएम मोदी ने ‘आयुष्मान भारत’ का ऐलान किया... रोजगार सहित अन्य मुद्दों पर खामोश रहे
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वित्त वर्ष 2018-19 के आम बजट में केंद्रीय सरकार ने ‘आयुष्मान भारत योजना’ की घोषणा की थी जो स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में अच्छी पहल है पर इस योजना के बारे में देशवासियों को सरकार और स्वास्थ्य मंत्री पहले भी बता चूके है|