भारत 16 जून से 29 अमेरिकी उत्पादों पर लगाएगा जवाबी आयात शुल्क

सरकार ने बादाम, अखरोट और दालों समेत 29 अमेरिकी वस्तुओं पर 16 जून से जवाबी आयात शुल्क लगाने का निर्णय किया है। इससे पहले सरकार इसे लागू करने की समयसीमा को कई बार बढ़ा चुकी है। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि वित्त मंत्रालय बहुत जल्द इस बारे में अधिसूचना जारी करेगा।

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India will impose counter-import duty on 29 US products from June 16

सरकार ने बादाम, अखरोट और दालों समेत 29 अमेरिकी वस्तुओं पर 16 जून से जवाबी आयात शुल्क लगाने का निर्णय किया है। इससे पहले सरकार इसे लागू करने की समयसीमा को कई बार बढ़ा चुकी है। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि वित्त मंत्रालय बहुत जल्द इस बारे में अधिसूचना जारी करेगा।

सरकार के इस कदम से इन 29 वस्तुओं का निर्यात करनेवाले अमेरिकी निर्यातकों को अब ऊंचा शुल्क चुकाना होगा। इससे देश को 21.7 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।

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अखरोट पर आयात शुल्क 30 से बढ़ाकर 120 फीसदी किया गया है। इसी तरह काबुली चना, चना और मसूर दाल पर शुल्क 70 फीसदी किया गया है जो अभी 30 फीसदी है। अन्य दालों पर शुल्क को 40 फीसदी किया जाएगा।

वित्त मंत्रालय बहुत जल्द इस बारे में अधिसूचना जारी करेगा। इससे देश को 21.7 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। पिछले साल 21 जून को सरकार ने इन अमेरिकी वस्तुओं पर ऊंचा शुल्क लगाने का निर्णय किया था। इसकी वजह अमेरिका का भारत से आयात किए जाने वाले कुछ इस्पात और एल्युमीनियम उत्पादों पर शुल्क बढ़ाना था।

इस पर जवाबी कार्रवाई करते हुए सरकार ने इन 29 सामानों पर शुल्क बढ़ाने का निर्णय किया था। फैसले से भारत को 21.7 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है। सरकार ने 21 जून, 2018 को इन उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने का फैसला किया था, जब अमेरिका ने भारत के कई स्टील और अल्युमीनियम उत्पादों पर टैरिफ 10 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया था।

केंद्र सरकार ने उच्च आयात शुल्क लागू करने के फैसले से अमेरिका को अवगत करा दिया है। अमेरिका ने पिछले साल मार्च में इस्पात उत्पादों पर शुल्क बढ़ाकर 25 फीसदी और एल्युमीनियम उत्पादों पर 10 फीसदी कर दिया था। भारत इन उत्पादों का एक बड़ा निर्यातक देश है। शुल्क बढ़ाने से भारतीय इस्पात और एल्युमीनियम उत्पादकों पर 24 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ा था। भारत हर साल अमेरिका को 1.5 अरब डॉलर के इस्पात और एल्युमीनियम उत्पाद का निर्यात करता है।

अमेरिकी सरकार के भारतीय निर्यातकों को तरजीह देने की सामान्य प्रणाली (जीएसपी) में निर्यात छूट खत्म करने के निर्णय के बाद यह बातचीत रुक गयी। अमेरिका ने इन लाभों को पांच जून से खत्म कर दिया है। इससे भारत से अमेरिका को होने वाला 5.5 अरब डॉलर का निर्यात प्रभावित होगा। हालांकि तब से इसे लागू करने की समयसीमा को कई बार आगे खिसकाया गया, क्योंकि सरकार को उम्मीद थी कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार पैकेज की बातचीत में किसी समाधान को खोज लिया जाएगा। इन 29 उत्पादों पर उच्च आयात शुल्क लगाने के क्रम में सरकार ने कई उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाने की अधिसूचना जारी की है।

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भारत ने जिन 29 अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है, उसमें अखरोट पर 30 फीसदी से बढ़ाकर 120 फीसदी किया गया है। इसके अलावा काबुली चना, चना और मसूर दाल पर 30 फीसदी से बढ़ाकर 70 फीसदी, जबकि अन्य दालों पर 40 फीसदी किया जाएगा। इसी तरह, बोरिक एसिड, झींगा, नट्स, लौह व स्टील उत्पाद, सेब, नासपाती, स्टेनलेस स्टील, अलॉय स्टील, ट्यूब, पाइप फिटिंग, स्क्रू और बोल्ट पर भी आयात शुल्क बढ़ाया जाएगा।

इससे पहले भारत ने स्टील और अल्युमिनियम उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाने को लेकर अमेरिका के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन में भी शिकायत की थी। 2017-18 में भारत का कुल निर्यात 47.9 अरब डॉलर रहा था, जबकि आयात 26.7 अरब डॉलर। इस तरह व्यापार संतुलन भारत के हक में है।

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India will impose counter-import duty on 29 US products from June 16
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सरकार ने बादाम, अखरोट और दालों समेत 29 अमेरिकी वस्तुओं पर 16 जून से जवाबी आयात शुल्क लगाने का निर्णय किया है। इससे पहले सरकार इसे लागू करने की समयसीमा को कई बार बढ़ा चुकी है। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि वित्त मंत्रालय बहुत जल्द इस बारे में अधिसूचना जारी करेगा।
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The Policy Times