भारत 2023 तक डिजिटल लेनदेन में चीन-अमेरिका को पछाड़ देगा, 20 फीसदी की दर से बढ़ रहा है कारोबार

देश में फिनटेक कंपनियों की तेजी से जारी विस्तार के बल पर वर्ष 2023 तक डिजिटल भुगतान के दोगुना से अधिक बढ़कर 135.2 अरब डॉलर पर पहुंचने की संभावना है और भारत डिजिटल लेनदेन में बढोतरी के मामले में चीन और अमेरिका को पछाड़ देगा। अभी भारत में डिजिटल लेनदेन 64.8 अरब डॉलर है जबकि चीन इस मामले में 1.56 लाख करोड़ डॉलर के डिजिटल भुगतान के साथ अव्वल देश बना हुआ है।

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India will overtake China-US in digital transactions by 2023, growing at a rate of 20 per cent
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देश में फिनटेक कंपनियों की तेजी से जारी विस्तार के बल पर वर्ष 2023 तक डिजिटल भुगतान के दोगुना से अधिक बढ़कर 135.2 अरब डॉलर पर पहुंचने की संभावना है और भारत डिजिटल लेनदेन में बढोतरी के मामले में चीन और अमेरिका को पछाड़ देगा। अभी भारत में डिजिटल लेनदेन 64.8 अरब डॉलर है जबकि चीन इस मामले में 1.56 लाख करोड़ डॉलर के डिजिटल भुगतान के साथ अव्वल देश बना हुआ है।

चीन है सबसे आगे

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अभी भारत में डिजिटल लेनदेन 64.8 अरब डॉलर है जबकि चीन इस मामले में 1.56 लाख करोड़ डॉलर के डिजिटल भुगतान के साथ अव्वल देश बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 से 2023 के दौरान देश में डिजिटल भुगतान में तीव्र बढ़ोतरी होने का अनुमान है। इसमें वार्षिक 20 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हो सकती है। इस अवधि में चीन में डिजिटल लेनदेन में 18.5 फीसदी और अमेरिका में 8.6 फीसदी की वृद्धि होने का अनुमान है। वैश्विक स्तर पर डिजिटल लेनदेन मूल्य के मामले में अगले चार वर्षों में भारत की हिस्सेदारी वर्तमान के 1.56 फीसदी से बढ़कर 2.02 फीसदी हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल कॉमर्स में बढ़ोतरी, भुगतान प्रौद्यागिकी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रियल टाइम भुगतान और मोबाइल प्वांइट ऑफ सेल (पीओएस) उपकरण के आने से डिजिटल लेन-देन के इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत में कमी आई है और इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ाने में मदद मिली है।

तीन वर्षों में डिजिटल भुगतान में आई है तेजी

रिपोर्ट में कहा गया है कि नियामक पहल और गैर-बैंकिंग क्षेत्र के वॉलेट की सफलता से पिछले तीन वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान में तेजी आई है। टेलीकॉम कंपनियों, बैंकों, वॉलेट कंपनियों और ई-कॉमर्स रिटेलरों की वजह से देश में प्रतिस्पर्धी डिजिटल भुगतान में व्यापक बदलाव आया है। अभी देश में 50 ऐसी कंपनियां है जो डिजिटल भुगतान सेवा प्रदान कर रही है।

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50 से अधिक कंपनियां डिजिटल भुगतान सेवा में

रिपोर्ट में कहा गया है कि नियामक पहल और गैर बैंकिंग क्षेत्र के वॉलेट की सफलता से पिछले तीन वर्षों में इलेक्ट्रानिक भुगतान में तेजी आयी है। टेलीकॉम कंपनियों, बैंकों, वॉलेट कंपनियों और ई कॉमर्स रिटेलरों की वजह से देश में प्रतिस्पधी डिजिटल भुगतान में व्यापक बदलाव आया है। अभी देश में 50 ऐसी कंपनियां है जो डिजिटल भुगतान सेवा प्रदान कर रही है।

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India will overtake China-US in digital transactions by 2023, growing at a rate of 20 per cent
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देश में फिनटेक कंपनियों की तेजी से जारी विस्तार के बल पर वर्ष 2023 तक डिजिटल भुगतान के दोगुना से अधिक बढ़कर 135.2 अरब डॉलर पर पहुंचने की संभावना है और भारत डिजिटल लेनदेन में बढोतरी के मामले में चीन और अमेरिका को पछाड़ देगा। अभी भारत में डिजिटल लेनदेन 64.8 अरब डॉलर है जबकि चीन इस मामले में 1.56 लाख करोड़ डॉलर के डिजिटल भुगतान के साथ अव्वल देश बना हुआ है।
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The Policy Times