एशिया की सबसे कमज़ोर करेंसी बनी ‘रुपया’… आम लोगों की जेब में पढ़ रहा असर

अमेरिकी डॉलर के मुकाबलें कमज़ोर हो रहे भारतीय रूपए ने एक नया रिकॉर्ड क़ायम किया है| अब तक के सबसे निचलें स्तर को छूते हुए मंगलवार को रुपया 71.37 रूपए तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में रूपए की विनिमय दर 72.12 प्रति डॉलर से ऊपर निकल गई|

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अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती के चलते भारतीय करेंसी में गिरावट का दौर लगातार जारी है|

अमेरिकी डॉलर के मुकाबलें कमज़ोर हो रहे भारतीय रूपए ने एक नया रिकॉर्ड क़ायम किया है| अब तक के सबसे निचलें स्तर को छुते  हुए मंगलवार को रुपया 71.37 रूपए तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में रूपए की विनिमय दर 72.12 प्रति डॉलर से ऊपर निकल गई|

अमेरिकी डॉलर की मांग लगातार बढ़ रही हैं, जिसकी वजह से रुपया का स्तर लगातार गिर रहा है| ऐसा माना जा रहा है वैश्विक संकेतों और ट्रेड वॉर को लेकर तनाव बढ़ने की वजह से भी रुपया कमज़ोर हो रहा है|

डीलरों के मुताबिक निवेशक अन्य मुद्राओं के मुकाबलें डालर में तेजी के बीच भारतीय पूंजी बाजार से विदेशी निवेश की निकासी से चिंतित है| विदेशी एक्सचेंज मार्केट में रुपया आरंभ में 9 पैसे की मजबूती के साथ 71.66 प्रति डालर पर चल रहा था| डीलरों के मुताबिक शुरू में निर्यातकों और बैंकों ने डालर की बिक्री बढ़ा रखी थी|

86 के करीब पहुंचा पेट्रोल, दिल्ली में 70 के पार डीजल

पेट्रोल-डीजल में आग           

शहर         पेट्रोल          डीजल

मुंबई        85.93         74.54

चेन्नई       81.58         74.18

कोलकाता     81.44         73.06

पेट्रोल के बढ़ते दाम का बुरा असर अब सीधे आम आदमी की जेब में पड़ रहा है। पिछलें एक वर्ष में पेट्रोल व डीजल के दामों में तेजी से बढ़ोत्तरी देखी गई है। गुरुवार को पेट्रोल की कीमत 79 रूपए प्रति लीटर से भी अधिक हो गई, जबकि डीजल की कीमत 71 रूपए तक पहुंच गई है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर न केवल आम आदमी के जन जीवन पर पड़ रहा है, बल्कि खाद्य पदार्थों पर भी पड़ रहा है।

एक वर्ष में खाद्य पदार्थों के दाम भी लगभग दोगुने हो चुके हैं। सब्ज़ियों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। आम जनता की परेशानी कम होने का नाम नहीं लें रही है।

डीजल व पेट्रोल के दाम तय करने का अधिकार मिलने से पेट्रोलियम कंपनियां मनमानी पर उतर आई हैं। ऐसे में घाटा दिखाकर रोज़ाना ही दाम बढ़ा दिए जाते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत काफी कम है, लेकिन सरकार उस पर इतने टैक्स लगा देती है कि दाम आसमान छूने लगते हैं।

आलोचना के बीच अरुण जेटली ने दी सफाई

रूपए में हो रहे लगातार गिरावट को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है|

जेटली ने कांग्रेस शासनकाल के दौरान पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों की सुषमा स्वराज और उनके खुद के द्वारा की गई आलोचना का बचाव करते हुए कहा कि उस समय महंगाई दहाई के अंकों में थी यदि हम उस समय आलोचना नहीं करते तो यह कर्तव्यों से विमुख होना होता|

एशिया की सबसे कमज़ोर प्रदर्शन करने वाली करेंसी ‘रुपया’

रूपया के गिरते स्तर के कारण सितम्बर में रुपया तक़रीबन 2 फीसदी कमज़ोर हुआ है| यदि इस साल की स्थति पर गौर किया जाए, तो इस दौरान रूपए में 12 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की जा चुकी है| इस हिसाब से रूपया एशिया का सबसे कमज़ोर करेंसी के रूप में साबित होती है|

कांग्रेस का भारत बंद का ऐलान  

पेट्रोल-डीजल की महंगाई को लेकर कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार की घेरा बंदी कर रही है| कांग्रेस पार्टी ने विपक्षी दलों के साथ मिलकर 10 सितम्बर को ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है| एनडीए पर पैसा लुटने का आरोप लगाते हुए पार्टी ने कहा है कि चार साल में सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स के ज़रिए साढ़े ग्यारह लाख करोड़ की वसूली की है| इसके साथ ही रसाई गैस सिलेंडर के दामों में भारी वृद्धि के अलावा व्यापक महंगाई का मुद्दा भी कांग्रेस इस भारत बंद में उठाएगी|

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अमेरिकी डॉलर के मुकाबलें कमज़ोर हो रहे भारतीय रूपए ने एक नया रिकॉर्ड क़ायम किया है| अब तक के सबसे निचलें स्तर को छूते हुए मंगलवार को रुपया 71.37 रूपए तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में रूपए की विनिमय दर 72.12 प्रति डॉलर से ऊपर निकल गई|
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The Policy Times
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