वैश्विक भ्रष्टाचार सूचकांक में सुधरी भारत की रैंकिंग

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) भारत में भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों को यूरोप में 12 दिवसीय प्रशिक्षण देगा। आधिकारिक आदेश का हवाला देते हुए एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि 3-14 जून तक ऑस्ट्रिया के वियाना स्थित इंटरनेशनल एंटी करप्शन एकेडमी (आइएसीए) में निगरानी संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

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India's Ranking Improvement in Global Corruption Index

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) भारत में भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों को यूरोप में 12 दिवसीय प्रशिक्षण देगा। आधिकारिक आदेश का हवाला देते हुए एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि 3-14 जून तक ऑस्ट्रिया के वियाना स्थित इंटरनेशनल एंटी करप्शन एकेडमी (आइएसीए) में निगरानी संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण पात्र मुख्य सतर्कता अधिकारियों (सीवीओ) के लिए है। उन्होंने बताया कि आयोग ने अपने डाटाबेस के उन्नयन एवं आगामी अंतरराष्ट्रीय/ घरेलू प्रशिक्षणों के लिए तथा आस्ट्रिया के प्रस्तावित प्रशिक्षण के वास्ते अधिकारियों को नामित करने के लिए मुख्य सतर्कता अधिकारियों से ब्योरा मांगा है। आईएसीए भ्रष्टाचार निरोध के क्षेत्र में ज्ञान एवं पद्धति में वर्तमान खामियों से निजात पाने में एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है। वह पेशेवरों को भावी चुनौतियों के लिए तैयार करता है|

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वहीँ एक रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक भ्रष्टाचार सूचकांक, 2018 में भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है। एक भ्रष्टाचार-निरोधक संगठन द्वारा जारी वार्षिक सूचकांक के मुताबिक इस सूची में चीन काफी पीछे छूट गया है।

अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी ‘ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल’ प्रत्येक वर्ष 180 देशों की एक सूची जारी करता है, जिस से यह पता चलता है कि किस देश में कितना भ्रष्टाचार है। इसके लिए सभी देशों को एक रेटिंग दी जाती है, जिसके घटने बढ़ने से पता चलता है कि भ्रष्टाचार कम हुआ है या बढ़ा है। जिस देश का स्कोर जितना ज्यादा होगा, वह उतना कम भ्रष्ट होगा। जिस देश का रैंक जितना नीचे होगा, वहाँ भ्रष्टाचार भी ज्यादा होगा|

ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल ने 2018 के अपने भ्रष्टाचार सूचकांक में कहा है कि दुनियाभर के 180 देशों की सूची में भारत तीन स्थान के सुधार के साथ 78वें पायदान पर पहुंच गया है। वहीं इस सूचकांक में चीन 87वें और पाकिस्तान 117वें स्थान पर हैं। वैश्विक संगठन ने कहा है आगामी चुनावों से पहले भ्रष्टाचार सूचकांक में भारत की रैंकिंग में मामूली लेकिन उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

2017 में भारत को 40 अंक प्राप्त हुए थे जो 2018 में 41 हो गए। इस सूची में 88 और 87 अंक के साथ डेनमार्क और न्यूजीलैंड पहले दो स्थान पर रहे। वहीं सोमालिया, सीरिया एवं दक्षिण सूडान क्रमश: 10,13 और 13 अंकों के साथ सबसे निचले पायदानों पर रहें। वैश्विक भ्रष्टाचार सूचकांक, 2018 में करीब दो तिहाई से अधिक देशों को 50 से कम अंक प्राप्त हुए।

ताज़ा रिपोर्ट में ‘ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल’ (TI) ने भारत के बारे में चर्चा करते हुए में कहा है जैसे कि भारत अब आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तैयार हो रहा है, इसके CPI स्कोर में महत्वपूर्ण सुधार आया है, जो 40 से बढ़ कर 41 हो गया।

2011 में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सार्वजनिक आंदोलन (अन्ना हजारे अनशन) के बावज़ूद, जहाँ जनता ने सरकार से माँग की कि भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए और विस्तृत जान-लोकपाल एक्ट को लागू करे, ये आंदोलन ख़त्म हो गए और इनका कोई ख़ास असर नहीं हुआ। ज़मीनी स्तर पर भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए कुछ भी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं किया गया।

‘ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल’  ने भारत को ‘Countries to Watch’ की सूची में रखा है। इसका अर्थ है कि संस्था को उम्मीद है कि जिस तरह से साल दर साल भारत की रैंकिंग और सूचकांक में सुधार आते जा रहे हैं, उस से आगे बेहतर परिणाम आने की उम्मीद है।

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अगर हम ‘ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल’  के दोनों बयानों की तुलना करें तो पता चलता है कि हमारे देश ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर काफ़ी तरक़्क़ी की है। जहाँ उस समय अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ बड़े पैमाने पर हो रहे भ्रष्टाचार की बात करती थी, अब भारत को पॉजिटिव नजरों से देखते हुए ऐसे देशों की सूची में रखती है, जिनका प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है। जहाँ उस समय बात होती थी कि भ्रष्टाचार ने विकास को बाधित कर रखा है, अब एजेंसी भारत के प्रदर्शन को ‘महत्वपूर्ण सुधार बताती है। उस समय एजेंसी भारत को भ्रष्टाचार से निपटने में असमर्थ बताती थी।

अगर भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो एशिया-पैसिफ़िक क्षेत्र में अफ़ग़ानिस्तान उत्तर कोरिया के बाद सबसे भ्रष्ट देश है। CPI स्कोर 33 के साथ पकिस्तान भारत से ख़ासा पीछे है और बांग्लादेश 26 CPI स्कोर के साथ सबसे भ्रष्ट देशों की सूची में शामिल है। चीन का रैंक 87 है तो पकिस्तान 117वें स्थान पर है। दोनों ही देश भारत से पीछे हैं। यह दिखाता है कि एशिया-पैसिफ़िक क्षेत्र में भारत अपने पड़ोसी देशों के मुक़ाबले बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।

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केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) भारत में भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों को यूरोप में 12 दिवसीय प्रशिक्षण देगा। आधिकारिक आदेश का हवाला देते हुए एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि 3-14 जून तक ऑस्ट्रिया के वियाना स्थित इंटरनेशनल एंटी करप्शन एकेडमी (आइएसीए) में निगरानी संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
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The Policy Times