189 यात्रियों वाला इंडोनेशियाई प्लेन समंदर में गिरा, पायलट भारतीय

लॉयन एयर का यह विमान जकार्ता से पांकल पिनांग जा रहा था। इसी एयरलाइन के प्लेन 2004 और 2013 में भी क्रैश हुए थे। लॉयन एयर नौ साल तक यूरोप में ब्लैकलिस्टेड थी।,

0
Members of a rescue team collect personal items and wreckage at the port in Tanjung Priok, North Jakarta, on October 29, 2018, after they were recovered from the sea where Lion Air flight JT 610 crashed off the north coast earlier in the day. - A brand new Indonesian Lion Air plane carrying 189 passengers and crew crashed into the sea on October 29, officials said, moments after it had asked to be allowed to return to Jakarta. (Photo by RESMI MALAU / AFP)

इंडोनेशिया के जकार्ता से पांकल पिनांग शहर जा रहा एक यात्री विमान सोमवार सुबह उड़ान भरने के 13 मिनट बाद समुद्र में क्रैश हो गया। इसमें 189 लोग सवार थे। इनमें तीन बच्चों समेत 181 यात्री, दो पायलट और छह अन्य क्रू मेंबर्स थे। विमान संपर्क टूटने वाली जगह से करीब दो नॉटिकल मील (3.7 किलोमीटर) दूर कारावांग की खाड़ी में क्रैश हुआ। विमान में इंडोनेशिया के वित्त मंत्रालय के 20 अधिकारी भी सवार थे। इस प्लेन के दो पायलटों में से एक कैप्टन भव्य सुनेजा थे। बताया जा रहा है कि वे मूल रूप से दिल्ली के रहते थे। मार्च 2011 में ही वे लॉयन एयर से जुड़े थे। उनके पास विमान उड़ाने का 6000 घंटे का अनुभव था।

पहले से थी तकनीकी खराबी

विमान कंपनी लॉयन एयर के सीईओ एडवर्ड सैट ने कहा कि रविवार को ही प्लेन में कुछ तकनीकी खराबी आई थी। तब प्लेन डेनपसार से जकार्ता आ रहा था। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इंजीनियरों ने खराबी को ठीक करने के बाद ही सोमवार सुबह प्लेन को रवाना किया। इंडोनेशिया एयर नेविगेशन के अधिकारी सिंदु रहायु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि विमान के उड़ान भरने के बाद पायलटों ने लौटने की अनुमति मांगी, लेकिन इजाजत मिलने के ठीक बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) का फ्लाइट से संपर्क टूट गया।

यह क्रैश इंडोनेशिया का सबसे बड़ा विमान हादसा हो सकता है। इससे पहले दिसंबर 2014 में एयर एशिया फ्लाइट क्यूजेड 8501 क्रैश में 162 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे का शिकार हुआ विमान बोइंग 737 मैक्स-8 था। इसमें एक बार में 210 यात्री सफर कर सकते हैं। हादसे की वजह अभी साफ नहीं है।

Related Articles:

5000 फीट की ऊंचाई पर था प्लेन

दुनियाभर की उड़ानों की जानकारी रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार के डेटा में लॉयन एयर फ्लाइट जेटी-610 स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6:20 बजे टेकऑफ के 13 मिनट बाद समुद्र के ऊपर गुम होता दिखाया गया। गायब होने से पहले प्लेन 5000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच चुका था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी ऊंचाई लगातार कम होती गई। संपर्क टूटने से ठीक पहले विमान करीब 3650 फीट की ऊंचाई पर था। साथ ही इसकी स्पीड भी बढ़ रही थी।

दो महीने ही पुराना था विमान

यह बोइंग 737 मैक्स-8 की पहली दुर्घटना बताई जा रही है। 2016 तक यह मॉडल सिर्फ कमर्शियल कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इसे लॉयन एयर को अगस्त में ही डिलीवर किया गया था। विमान के पायलट भी काफी अनुभवी थे। दोनों को कुल 11 हजार घंटे फ्लाइट उड़ाने का अनुभव था।

2013 में भी क्रैश हो चुका है विमान

लॉयन एयर इंडोनेशिया की किफायती हवाई सेवा है। 2013 में भी लॉयन एयर की फ्लाइट बाली के एंगुराह राय इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड होने से पहले समुद्र में क्रैश हो गई थी। इसमें सवार सभी 108 यात्री बच गए थे। 2004 में भी लॉयन एयर का जकार्ता से जा रहा विमान-538 सोलो शहर में क्रैश हो गया था। इसमें 25 लोगों की मौत हो गई थी।

Summary
189 यात्रियों वाला इंडोनेशियाई प्लेन समंदर में गिरा, पायलट भारतीय
Article Name
189 यात्रियों वाला इंडोनेशियाई प्लेन समंदर में गिरा, पायलट भारतीय
Description
लॉयन एयर का यह विमान जकार्ता से पांकल पिनांग जा रहा था। इसी एयरलाइन के प्लेन 2004 और 2013 में भी क्रैश हुए थे। लॉयन एयर नौ साल तक यूरोप में ब्लैकलिस्टेड थी।,
Author
Publisher Name
The Policy Times
Publisher Logo