ईरान के विदेश मंत्री भारत दौरे पर, लोकसभा चुनाव के बाद तेल आयात पर होगा फैसला

भारत और ईरान के बीच तेल आयात के विषय पर बताया गया कि भारत ईरान से तेल आयात का फैसला लोकसभा चुनावों के बाद अपने वाणिज्यिक, आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा हितों को ध्यान में रखकर करेगा|

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Iran crude imports after polls

भारत दौरे पर आए ईरान के विदेश मंत्री जावेद जारिफ और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बीच द्विपक्षीय सबंधो एवं आपसी हितों से जुड़े विषयों को लेकर सार्थक चर्चा हुई जिसमें ईरान से तेल आयात को लेकर फैसला किया गया| भारत और ईरान के बीच तेल आयात के विषय पर बताया गया कि भारत ईरान से तेल आयात का फैसला लोकसभा चुनावों के बाद अपने वाणिज्यिक, आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा हितों को ध्यान में रखकर करेगा|

दोनों विदेश मंत्रियों के बीच यह बातचीत अमेरिका द्वारा भारत और सात अन्य देशों को ईरान से तेल खरीदने को लेकर दी गई छह माह की छूट की अवधि खत्म किए जाने के 12 दिन बाद हो रही है|

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भारत और ईरान के बीच यह वार्ता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के उत्पादों पर टेरिफ शुल्क बढाने के फैसले के बाद हुई, इसके साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इस खाड़ी देश के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए जरीफ का यह दौरा हो रहा है|

अमेरिका ने पिछले साल मई में ईरान के साथ परमाणु मुद्दे पर हुए समझौते से खुद को अलग कर लिया था| इसके बाद ईरान पर प्रतिबंध फिर से लागू हो गए| प्रतिबंधों के बाद अमेरिका ने भारत सहित आठ देशों को ईरान से तेल आयात में कमी लाने और धीरे-धीरे इसे बंद करने के लिये छह माह का समय दिया था|

ईरान से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वालों में चीन के बाद भारत दुसरे नंबर पर है| यह अपनी जरूरतों का 80 पर्सेंट तेल आयात करता है| ईरान, इराक और सऊदी अरब के बाद भारत को सबसे ज्यादा तेल निर्यात करने वाला तीसरा देश है और भारत अपनी जरूरतों का 10 पर्सेंट से ज्यादा तेल ईरान से आयात करता है|

अमेरिका ने भारत व अन्य देशों से कहा है कि वे अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए 4 नवंबर तक ईरान से तेल का आयात बिल्कुल बंद कर दें| इससे पहले अमेरिका ने भारत सहित 8 देशों को ईरान से तेल आयात करने की 6 महीने की छूट दी थी|

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने तेव्व्त कर कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ के बीच रचनात्मक चर्चा हुई| अफगानिस्तान समेत वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति पर विचारों का अच्छा आदान प्रदान हुआ|

भारत की यात्रा पर आए ईरान के विदेश मंत्री अपनी पहल पर ही भारत की यात्रा पर आए हैं| वह क्षेत्र के वर्तमान हालात, अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने के लिए आए हैं| उन्होंने पिछले कुछ दिनों में रूस, चीन, तुर्कमेनिस्तान और इराक से भी हालिया हालात पर चर्चा की है|

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भारत ने इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है कि सभी पक्षों को शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे पर सहमति बनानी चाहिए और बातचीत के जरिए इसे हल किया जाना चाहिए| भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच यह मुलाकात अमेरिका द्वारा भारत व अन्य देशों को ईरान से तेल खरीदने के लिए दी गई 6 महीने की छूट खत्म होने के 12 दिनों बाद हुई है।

इस बीच मुलाकात के दौरान चाबहार पोर्ट पर भी बातचीत हुई और दोनों पक्षों ने इसके विकास पर संतोष जताया है। ईरान के इस बंदरगाह का विकास भारत कर रहा है।

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भारत और ईरान के बीच तेल आयात के विषय पर बताया गया कि भारत ईरान से तेल आयात का फैसला लोकसभा चुनावों के बाद अपने वाणिज्यिक, आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा हितों को ध्यान में रखकर करेगा|
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The Policy Times

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