#MeToo मूवमेंट में अब ऑल इंडिया रेडियो भी शामिल

#MeToo खुलासे के चलते यौन उत्पीड़न की शिकायतें एआईआर स्टेशनों से अब कई मामले सामने आ रहे है| देशभर में एक तरफ़ जहां #Metoo कैंपेन के जरिए महिलाओं को यौन शोषण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने का अवसर प्राप्त हुआ है| वहीं दूसरी ओर इस मुहिम के जरिए यौन शोषण के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद करने पर ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) की महिला कर्मचारियों की नौकरी छीन ली गई है|

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महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने पूरे भारत में अखिल भारतीय रेडियो (एआईआर) स्टेशनों से यौन उत्पीड़न की शिकायतों की श्रृंखला की जांच के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को आदेश दिए|

#MeToo खुलासे के चलते यौन उत्पीड़न की शिकायतें एआईआर स्टेशनों से अब कई मामले सामने आ रहे है| देशभर में एक तरफ़ जहां #Metoo कैंपेन के जरिए महिलाओं को यौन शोषण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने का अवसर प्राप्त हुआ है| वहीं दूसरी ओर इस मुहिम के जरिए यौन शोषण के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद करने पर ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) की महिला कर्मचारियों की नौकरी छीन ली गई है|

इंडियन एक्सप्रेस से ने जब उन महिअओं से बात की तो पता चला की  आकाशवाणी केंद्र में 9 महिला कर्मचारियों को केंद्र के असिस्टेंट डायरेक्टर रत्नाकर भारती के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न की शिकायत करने पर नौकरी से निकाल दिया गया है|  आकाशवाणी के 6 अन्य केंद्रों जिनमें धर्मशाला, ओबरा, सागर, रामपुर, कुरुक्षेत्र और दिल्ली शामिल हैं यहां से भी इसी प्रकार की शिकायतें सामने आई हैं| आकाशवाणी के कर्मचारियों की ट्रेड यूनियन का कहना है कि यौन शोषण के मामलों में आरोपी को केवल चेतावनी दी गई है जबकि सभी शिकायतकर्ताओं (कैज़ुअल कर्मचारी) को नौकरी से निकाल दिया गया है|

आकाशवाणी के डायरेक्टर जनरल फ़ैयाज़ शहरयार ने कहा कि, ‘दर्ज़ किए गए हर मामले की जांच आईसीसी द्वारा की गई है| शहडोल वाले मामले पर आईसीसी के फैसले के बाद रत्नाकर भारती का तबादला दिल्ली कर दिया गया था और यहां वे कड़ी निगरानी के बीच डीजी हेडक्वॉटर में काम कर रहे हैं|  उन्होंने रत्नाकर भारती के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज़ करवाने और महिला कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के आरोपों को खारिज़ किया है| उन्होंने कहा कि, ‘कैज़ुअल कर्मचारियों का सालाना रिव्यू किया जाता है जिसमें एक प्रक्रिया के तहत कमज़ोर प्रदर्शन करने वालों को हटाया जाता है| जिन लोगों को नौकरी से हटाया गया है, वे लोग इस बात को आत्मसम्मान का मुद्दा बना लेते हैं| किसी एक व्यक्ति को फ़ायदा पहुंचाने के लिए हम नियमों को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते हैं|

वहीं, दूसरी ओर ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) के कर्मचारियों की ट्रेड यूनियन ने प्रसार भारती के सी.ई.ओ शशि शेखर वेम्पति से अनुरोध किया है कि नौकरी से निकाली गई महिला शिकायतकर्ताओं को वापस नौकरी पर रखा जाए और आरोपियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए|

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महिला आकस्मिक कर्मचारियों से यौन उत्पीड़न की शिकायतों के संचालन के बारे में पूछे जाने पर प्रसार भारती सीईओ शशि शेखर वेम्पाटी ने कहा, “जब तक हम विशिष्ट मामलों को पहले देखेंगे और उन मामलों का सच्चाई तक पहुंचे बिना कोई भी प्रतिक्रिया करना मेरे लिए मुश्किल होगा।

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