नेशनल हेराल्ड केस: दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र को बेदखल प्रक्रिया पर स्थिति बनाए रखने के लिए कहा है

नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग की लीज समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में बृहस्पतिवार को अहम सुनवाई हुई। कोर्ट में वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह दुर्भावनापूर्ण है और राजनीति से प्रेरित है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मसले पर सुनवाई के लिए अगले तारीख 22 नवंबर तय की है।

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हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी गबन के आरोपी हैं। इसी मामले से जुड़े आयकर केस में दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग की लीज समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में बृहस्पतिवार को अहम सुनवाई हुई। कोर्ट में वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह दुर्भावनापूर्ण है और राजनीति से प्रेरित है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मसले पर सुनवाई के लिए अगले तारीख 22 नवंबर तय की है।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि इस पर तत्काल सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है। न्यायमूर्ति सुनील गौड़ के सख्त रुख को देखते हुए एजेएल के वकील ने जल्द सुनवाई के लिए जोर दिया था। इस पर न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने याचिका को 15 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया था। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने कहा था कि अब तक अदालत को केस की फाइल नहीं मिली है और अदालत इस मामले की सुनवाई अभी नहीं करेगी। पीठ ने यहां तक कहा कि केंद्र सरकार जबरदस्ती कब्जा नहीं लेगी, अभी सिर्फ वह कागजात पर कब्जा लेगी।

एजेएल अधिवक्ता सुनील फर्नाडिस ने दलील दी थी कि केंद्र सरकार ने 15 नवंबर तक इमारत खाली करने के आदेश दिए हैं, इसलिए याचिका पर सुनवाई जरूरी है। वहीं, केंद्र सरकार के स्टैंडिंग काउंसल राजेश गोगना ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और अगर एजेएल ने परिसर पर कब्जा नहीं छोड़ा तो कार्रवाई की जाएगी। याचिका के अनुसार, शहरी विकास मंत्रालय की ओर से 30 अक्टूबर को एजेएल को भेजे गए नोटिस में लीज खत्म करने की बात कही गई है। साथ ही 15 नवंबर तक आइटीओ स्थित प्रेस एंक्लेव परिसर से जगह खाली करने को कहा गया है।

केंद्र सरकार ने जगह न खाली करने पर पब्लिक प्रिमिसेस इवेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। आदेश में कहा गया है कि दस वर्षों से वहां कोई प्रेस काम नहीं कर रहा है। इमारत का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। हालांकि, एजेएल ने याचिका में इस आरोप को खारिज किया है। यहां पर बता दें कि हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी गबन के आरोपी हैं। इसी मामले से जुड़े आयकर केस में दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

 

नेशनल हेराल्ड मामले की सुनवाई 17 नवंबर तक टली

नेशनल हेराल्ड मामले में पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत में सोमवार को शिकायतकर्ता भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुनवाई टालने के लिए अर्जी दी। अर्जी में कहा गया कि केस की सुनवाई के लिए अगली तारीख तय की जाए, क्योंकि शिकायतकर्ता को किसी कार्यक्रम के सिलसिले में मालदीव जाना है। अदालत ने अर्जी को मंजूर करते हुए सुनवाई 17 नवंबर के लिए तय कर दी।

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पटियाला हाउस कोर्ट में नेशनल हेराल्ड मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल, सोनिया गांधी और अन्य पर आरोप लगाया था कि उन्होंने साजिश के तहत महज 50 लाख रुपये का भुगतान कर धोखाधड़ी की। जिसके जरिये यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपये की वह रकम वसूलने का अधिकार हासिल कर लिया, जिसे एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड को कांग्रेस को देना था। इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नाडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया कंपनी आरोपित हैं। फिलहाल सभी आरोपित जमानत पर हैं। इस मामले में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज हो चुके हैं।

नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग की लीज खत्म करने के फैसले को चुनौत

केंद्र की ओर से नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग की लीज समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले को एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) ने सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी। शहरी विकास मंत्रालय की ओर से 30 अक्टूबर को लीज खत्म करते हुए जारी किए गए आदेश में 15 नवंबर तक आइटीओ स्थिति प्रेस एन्क्लेव परिसर से जगह खाली करने को कहा गया है। याचिका पर मंगलवार को न्यायमूर्ति सुनील गौर के समक्ष सुनवाई हो सकती है।

 

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नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग की लीज समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले को लेकर एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में बृहस्पतिवार को अहम सुनवाई हुई। कोर्ट में वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह दुर्भावनापूर्ण है और राजनीति से प्रेरित है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मसले पर सुनवाई के लिए अगले तारीख 22 नवंबर तय की है।
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