यूपी, उत्तराखंड में लोगों को मौत की नींद सुला रही है जहरीली शराब

यूपी, उत्तराखंड में अवैध शराब का धंधा लोगों की जान के लिए आफत बन गया है| हर रोज़ खास तौर पर ग्रामीण इलाक़ों से अवैध शराब पीने से मौत की खबर लगातार आ रही हैं| उत्तराखंड की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गाँवों में देशी शराब के सफेद पाउच शादियों, प्रार्थना सभाओं और कई सामूहिक उत्सवों में बेचे जा रहे हैं|

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People of Uttar Pradesh and Uttarakhand dying for drinking poisonous wine

यूपी, उत्तराखंड में अवैध शराब का धंधा लोगों की जान के लिए आफत बन गया है| हर रोज़ खास तौर पर ग्रामीण इलाक़ों से अवैध शराब पीने से मौत की खबर लगातार आ रही हैं|  उत्तराखंड की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गाँवों में देशी शराब के सफेद पाउच शादियों, प्रार्थना सभाओं और कई सामूहिक उत्सवों में बेचे जा रहे हैं|  स्थानीय लोगों का कहना है कि ये शराब सस्ते कच्चे माल से बनती है जो 10 रुपये से 30 रुपये के बीच बेची जाती है| यूपी, उत्तराखंड के गावों में ये दृश्य आम हो गया है|

पुलिस स्रोतों के अनुसार, जहरीली शराब कम से कम 99 लोगों को मौत की नींद सुला चुकी है| सरकारी अधिकारियों का कहना है कि पिछले चार दिनों में अवैध शराब ने सहारनपुर में 59, कुशीनगर में 10 और हरिद्वार में 30 की जान ले ली है| मृतकों में लगभग सभी मजदूरी करने वाले हैं. जहरीली शराब से मृतक संख्या लागातार बढती देख प्रशासन ने गांव दर गांव धार्मिक स्थलों से एलान कराना शुरू किया है कि लोग शराब न पीएं|

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यूपी सरकार के प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा है कि 3,049 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और राज्य भर में 79,000 लीटर शराब जब्त की गई है|  प्रवक्ता के मुताबिक, 2812 एफआईआर दर्ज की गई हैं और सबसे अधिक करीब 2700 लोगों की गिरफ्तारियां आगरा जोन में ही हुई हैं| वहीं यूपी सरकार ने इस मामले की जांच एसआईटी से कराने का ऐलान किया है| सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है ताकि राज्य के सहारनपुर और कुशीनगर जिलों में जहरीली शराब से हुई मौतों की घटना की उचित जांच हो सके|

ये कोई पहला मौका नहीं है जब जहरीली शराब के कारण लगातार मौत की खबर सामने आ रही हों| यूपी में पिछले कई साल से ये लगातार हो आ रहा है| साल 2015 में लखनऊ के मलिहाबाद में 35 से ज्यादा लोगों की मौत जहरीली शराब से हो गई थी| अब सरकार बदल चुकी है लेकिन अवैध शराब से होने वाली घटनाएं अभी तक नहीं रुक रही हैं|

केवल यूपी में ही नहीं बल्कि उत्तराखंड में भी अवैध शराब से मौत का मामला सामने आया है| रुड़की में जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत हुई है। इस पर उत्तराखंड सरकार ने 13 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है| जांच के आदेश भी दिए जा चुके हैं लेकिन सहारनपुर में कई लोगों का कहना है कि उत्तराखंड बॉर्डर से ही अवैध शराब आ रही है| वहीं कई लोग ये भी कहते हैं कि देवबंद के ही कई गांव में अवैध शराब का कारोबार चलता है|

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सस्ती शराब खरीदने के कारण ग्रामीण सरकारी देसी शराब ठेके के बजाए अवैध शराब खरीद लेते हैं|  डीजीपी ओपी सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सहारनपुर और कुशीनगर में जहरीली शराब के सेवन से लोगों की मौत के मामले में जांच आईजी साहनपुर और गोरखपुर को सौंपी है| इनको एक हफ्ते में जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट डीजीपी ऑफिस को सौंपनी होगी| बताया जा रहा है कि सहारनपुर में जहरीली शराब रुड़की से आई थी|

सीएम योगी ने कहा कि जहरीली शराब का रैकेट उत्तराखंड से संचालित हो रहा था, इसलिए उन्होंने वहां के मुख्यमंत्री से बात की है| उन्होंने बताया कि सहारनपुर और कुशीनगर जिलों के आबकारी अधिकारियों सहित कई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है|

घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने आबकारी एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे जहरीली शराब कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ 15 दिन का संयुक्त अभियान चलाएं| उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए तथा उपचार करा रहे लोगों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की|

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यूपी, उत्तराखंड में अवैध शराब का धंधा लोगों की जान के लिए आफत बन गया है| हर रोज़ खास तौर पर ग्रामीण इलाक़ों से अवैध शराब पीने से मौत की खबर लगातार आ रही हैं| उत्तराखंड की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के गाँवों में देशी शराब के सफेद पाउच शादियों, प्रार्थना सभाओं और कई सामूहिक उत्सवों में बेचे जा रहे हैं|
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THE POLICY TIMES