सेना, शहादत और सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीतिकरण

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीतिकरण की बात करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा, ‘आर्मी’ नरेंद्र मोदी की निजी संपत्ति नहीं है| मोदी सोचते हैं सेना उनकी प्रॉपर्टी है| सेना की स्ट्राइक को वीडियो गेम बताकर पीएम मोदी देश की सेना को बदनाम कर रहे हैं|’

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Politicising the surgical strikes

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जनता को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस किसी भी तरह यह साबित करने पर तुली है कि उसकी सरकारों ने भी सर्जिकल स्ट्राइक की है| कांग्रेस अब ‘मीटू-मीटू’ कर रही है|

मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीतिकरण की बात करते हुए कहा कि ‘आर्मी’ नरेंद्र मोदी की निजी संपत्ति नहीं है| मोदी सोचते हैं सेना उनकी प्रॉपर्टी है|

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बयान आया जिसमे उन्होंने कहा कि बीजेपी सैन्य अभियानों का चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है जो कि शेमफुल और किसी भी हाल में स्वीकार्य योग्य नहीं है|


इन दिनों सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर चर्चा खूब हो रही है| सत्ता पक्ष जिस तरह सर्जिकल स्ट्राइक पर सफलता गिना रही है, वहीँ विपक्षी दल मोदी सरकार पर राजनीतिकरण करने का आरोप डाल रही है| सेना, शहादत और सर्जिकल स्ट्राइक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जनता को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस किसी भी तरह यह साबित करने पर तुली है कि उसकी सरकारों ने भी सर्जिकल स्ट्राइक की है| कांग्रेस अब ‘मीटू-मीटू’ कर रही है| इसके जवाब में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीतिकरण की बात करते हुए कहा कि ‘आर्मी’ नरेंद्र मोदी की निजी संपत्ति नहीं है| मोदी सोचते हैं सेना उनकी प्रॉपर्टी है| सेना की स्ट्राइक को वीडियो गेम बताकर पीएम मोदी देश की सेना को बदनाम कर रहे हैं| सेना किसी व्यक्ति नहीं, बल्कि देश की होती है|

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पिछले दिनों सत्तापक्ष और विपक्षी पार्टी के बीच सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर गर्म बहसें हुई लेकिन इन सब के पीछे सोचने वाली बात ये है कि क्या ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ समस्या का समाधान है? इसके अलवा क्या सर्जिकल स्ट्राइक की लंबी लिस्ट बताना राजनितिक सफलता है?

सर्जिकल स्ट्राइक एक ऐसी सैन्य कार्रवाई है जिसमें एक से अधिक सैन्य लक्ष्यों को नुकसान पहुँचाया जाता है और उसके पश्चात् हमला करने वाली सैनिक इकाई तुरंत वापस लौट आती है| मोदी सरकार में बहुत से बदलाओ और घटनाएं पहली बार देखे गए है और सरकार भी समय-समय पर यह दावा करती आई है कि फलां-फलां काम मोदी सरकार में पहली बार हुआ है| इसी कड़ी में सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर जिस तरह का राजनीतिकरण और लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र मोदी सरकार अपनी जनसभा केंद्रित कर रही है, यह भी आज से पहले किसी सरकार के दौर में नहीं देखा गया है| भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस तरह जनता से शहीदों और सेनाओं के नाम वोट मांग रहे है, यह वाकई आश्चर्य करने वाली बात है क्यूंकि ऐसा पहले किसी सरकार और नेता ने सेना और शहीदों के नाम पर वोट नहीं माँगा|

लोकसभा चुनाव के पहले चरण से एक दिन पहले पीएम नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र के लातूर जिलें में अपनी चुनावी जनसभा में फर्स्ट टाइम वोटर्स से यह अपील की थी कि वे अपना वोट उन लोगों को समर्पित करें जिन्होंने आतंकवादी शिविरों पर हमले को अंजाम दिया और साथ ही कहा था ‘कमल को वोट दें|’

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इन सब परिस्थति के बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बयान आया जिसमे उन्होंने कहा कि बीजेपी सैन्य अभियानों का चुनावी लाभ लेने की कोशिश कर रही है जो कि शेमफुल और किसी भी हाल में स्वीकार्य योग्य नहीं है| कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में भी सेना को किसी भी बाहरी खतरों से निपटने के लिए खुली छूट थी| यूपीए के कार्यकाल के दौरान भी कई सर्जिकल स्ट्राइक हुईं| हमने सैन्य अभियान भारत विरोधी तत्वों को जवाब देने के लिए किया ना कि चुनावी लाभ लेने के लिए|

बहरहाल, शहीदों और सेनाओं के नाम पर सत्ता पार्टी की ओर से वोट माँगना और बार-बार पिछली सरकार पर निशाना साधना तार्किक नहीं क्यूंकि आज भारत पहले की तुलना में कहीं आगे बढ़ गया है| ऐसे में यदि वर्तमान दौर और इसकी परिस्थति को पिछले दौर से तुलना करें तो यह समझदारी नहीं है| आज भारत वैश्विक स्तर पर अपनी ख़ास जगह बना चूका है फिर चाहे वह आर्थिक दृष्टि से हो या राजनितिक दृष्टि से| ज़रूरी यह कि सरकार आतंकवाद और इससे जुडी गतिविधियों को जवाब देने के बजाय, समस्या को जड़ से ख़त्म करने की कोशिश करें और साथ ही आज भारत अपनी बुनियादी चुनौतियों से उभर नहीं पाया है, ऐसे में हमारी सरकार को शहीदों पर वोट मांगने की बजाए ज़मींन से जुड़े मुद्दों पर सफलता हासिल करनी चाहिए और सेना एवं शहीदों को राजनीती में नहीं मिलाना चाहिए|

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Politicising the surgical strikes
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर राजनीतिकरण की बात करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा, ‘आर्मी’ नरेंद्र मोदी की निजी संपत्ति नहीं है| मोदी सोचते हैं सेना उनकी प्रॉपर्टी है| सेना की स्ट्राइक को वीडियो गेम बताकर पीएम मोदी देश की सेना को बदनाम कर रहे हैं|’
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The Policy Times

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