पुलवामा हमला: भारत ने पाक से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीना

पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में 40 जवानों की शहादत के बाद कैबिनेट की सुरक्षा संबंधी समिति की (सीसीएस) शुक्रवार सुबह अहम बैठक हुई। इसमें पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस लेने का फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पड़ोसी देश और आतंकी बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं। गुनहगारों को सजा जरूर मिलेगी।

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Pulwama Terrorist attack: India gets highest favored nation status from Pakistan |

पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में 40 जवानों की शहादत के बाद कैबिनेट की सुरक्षा संबंधी समिति की (सीसीएस) शुक्रवार सुबह अहम बैठक हुई। इसमें पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस लेने का फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पड़ोसी देश और आतंकी बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं। गुनहगारों को सजा जरूर मिलेगी। सुरक्षा बलों को पूरी स्वतंत्रता दे दी गई है। वित्त मंत्री का पदभार दोबारा संभाल चुके अरुण जेटली ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि जो भी इस हमले में शामिल हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करेंगे।

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित पार्टी के सभी नेताओं ने शुक्रवार को होने वाले अपने राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिये हैं।

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क्या है मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा

मोस्ट फेवर्ड नेशन यानी सबसे ज्यादा तरजीही वाला देश। विश्व व्यापार संगठन और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों के आधार पर व्यापार में मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया जाता है। जिस देश को यह यह दर्जा मिलता है, उसे आश्वासन रहता है कि उसे कारोबार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। भारत ने 1996 में पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था। 2016 में सिंधु जल समझौता खत्म करने के समय  और उड़ी हमले के बाद भी भारत ने पाक से एमएफएन का दर्जा वापस लेने के संकेत दिए थे। हालांकि बाद में केंद्र सरकार ने इसे जारी रखा था। पाक ने कभी भी भारत को एमएफएन का दर्जा नहीं दिया।

इसके क्या फायदे

इसके तहत आयात-निर्यात में आपस में विशेष छूट मिलती है। यह दर्जा प्राप्त देश से कारोबार सबसे कम आयात शुल्क पर होता है। भारत-पाकिस्तान के बीच सीमेंट, चीनी, ऑर्गेनिक केमिकल, रुई, सब्जियों और कुछ चुनिंदा फलों के अलावा मिनरल ऑयल, ड्राई फ्रूट्स, स्टील जैसी कमोडिटीज का कारोबार होता है।

एमएफएन का दर्जा छिनने से पाक को कितना नुकसान

एमएफएन का दर्जा छीनने के बाद भारत पाकिस्तानी आयात पर किसी भी सीमा तक शुल्क बढ़ा सकता है। हालांकि विशेषज्ञों की मानें तो एमएफएन दर्जा छिनने से पाक को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच 2017-18 के दौरान 2.412 बिलियन डॉलर (करीब 17 हजार करोड़ रुपए) का कारोबार हुआ था। इसमें भारत से होने वाले निर्यात की हिस्सेदारी 1.924 बिलियन डॉलर है, जबकि पाकिस्तान से सिर्फ 0.488 बिलियन डॉलर का ही आयात होता है। 2016-17 में भारत की ओर से पाकिस्तान को 1.8218 बिलियन डॉलर, जबकि पाक की तरफ से सिर्फ 0.454 बिलियन डॉलर का ही निर्यात किया गया था।

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसकी निंदा की

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि आतंकी हमले का मकसद सिर्फ और सिर्फ देश को विभाजित करने का है| यह हिंदुस्तान की आत्मा पर हमला है| दुख की इस घड़ी में पूरा का पूरा विपक्ष देश और सरकार के साथ खड़ा है| वहीं राहुल के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर रहे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई  में हम देश के साथ खड़े हैं| तो वहीँ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ जवानों को निशाना बनाकर किए गए आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को कठोर कदम उठाने चाहिए| लखनऊ में आज प्रियंका की प्रेस कॉन्फ्रेंस होनी थी, मगर प्रियंका गांधी ने इस आतंकी हमले को देखते हुए उसे रद्द कर दिया|

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अश्विनी की शहादत को नमन करते हुए उनके परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है|

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, ‘जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए जघन्य आतंकी हमले से स्तब्ध, क्षुब्ध और दुखी हूं| हमारे बहादुर जवानों ने नि:स्वार्थ भाव से देश की सेवा करते हुए कायर आतंकियों के हाथों जान गंवाई, उनके बलिदान को भुलाया नहीं जाएगा|  बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा, ‘दुख की इस घड़ी में हम भारत के लोगों और सरकार के साथ खड़े हैं|

अमेरिकारूस ने की पुलवामा आतंकी हमले की निंदा की

अमेरिका ने गुरुवार को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की। अमेरिका ने कहा कि वह आतंकवाद को हराने करने के लिए भारत के साथ खड़ा है। भारत में अमेरिका के राजदूत कीनेथ जस्टर ने ट्वीट किया, ‘भारत में अमेरिकी मिशन जम्मू कश्मीर में आज हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है। हम इस हमले में मारे गए लोगों के परिवारों और घायलों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंकवाद का मुकाबला करने और उसे हराने के लिए भारत के साथ खड़ा है|

रूसी संघ दूतावास ने भी हमले की निंदा करते हुए कहा कि हम आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करते हैं। हम मृतक के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।

दूसरी तरफ़ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के एक बयान पर उमर अब्दुल्लाह ने कड़ी आपत्ति जताई है| जितेंद्र सिंह ने इस हमले को लेकर कहा था की यह हताशा में किया गया एक कायरतापूर्ण हमला है| मैं उनसे सवाल करना चाहता हूं जो भारत में रहते हैं और ख़ुद को कश्मीर की मुख्यधारा के नेता मानते हैं पर वो भारतीय ज़मीन पर ऐसी आतंकी गतिविधियों के बाद खुलकर सामने नहीं आते|

जितेंद्र सिंह की इस टिप्पणी पर उमर अब्दुल्लाह ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि इस मंत्री को अपने बयान पर शर्म आनी चाहिए| कश्मीरी की मुख्यधारा की पार्टियों के नेताओं ने इस हमले की प्रधानमंत्री से भी पहले खुलकर निंदा की है| यह व्यक्ति मृत और ज़ख़्मी सैनिकों को लेकर गंदी राजनीति कर रहा है|

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पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में 40 जवानों की शहादत के बाद कैबिनेट की सुरक्षा संबंधी समिति की (सीसीएस) शुक्रवार सुबह अहम बैठक हुई। इसमें पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा वापस लेने का फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पड़ोसी देश और आतंकी बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं। गुनहगारों को सजा जरूर मिलेगी।
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THE POLICY TIMES