अमृतसर में रावण दहन के दौरान बड़ा रेल हादसा, 61 लोगों की जाने गयी 57 घायल

रावण दहन के लिए जुटे लोग तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए।अब तक 61 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है,

0
Train carnage Amarinder Singh orders magisterial inquiry, seeks report within four weeks
172 Views

दशहरा के मौके पर पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार की शाम एक भीषण हादसा हो गया। रावण दहन के लिए जुटे लोग तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। अब तक 61 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 57 अन्य घायल हैं। ट्रेन जालंधर से अमृतसर आ रही थी तभी जोड़ा फाटक पर यह हादसा हुआ। मौके पर कम से कम 300 लोग मौजूद थे जो पटरियों के निकट एक मैदान में रावण दहन देख रहे थे।

हादसे को लेकर रेलवे का कहना है कि पुतला दहन देखने के लिए लोगों का वहां पटरियों पर एकत्र होना स्पष्ट रूप से अतिक्रमण का मामला था और इस कार्यक्रम के लिए रेलवे द्वारा कोई मंजूरी नहीं दी गई थी। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन को हादसे की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इतनी भीड़ होने के बावजूद रेल चालक द्वारा गाड़ी नहीं रोके जाने को लेकर सवाल उठने पर अधिकारी ने कहा, ‘वहां काफी धुआं था जिसकी वजह से चालक कुछ भी देखने में असमर्थ था और गाड़ी घुमाव पर भी थी।’

इस हादसे के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल पहुंचे। अमरिंदर इजरायल जाने के लिए दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन हादसे की खबर सुनने के बाद वो दिल्ली से वापस लौट गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हादसे में मृत लोगों के लिए तत्काल 3 करोड़ रुपए जारी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हादसे की मजिस्ट्रियल जांच पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में करवाई जाएगी, जिसकी रिपोर्ट 4 सप्ताह के अंदर आएगी। कैप्टन हादसे वाली जगह पर भी गए। उन्होंने विपक्षी पार्टियों से अनुरोध किया है कि इस समय साथ आकर हादसे में प्रभावित लोगों की मदद करें।

नवजोत कौर सिद्धू का कहना है कि धोबी घाट मैदान में खाली जगह थी| रावण को भी सही तरीके से बांधा गया था और उसके गिरने और उपद्रव मचने की भी कोई संभावना नहीं थी| नवजोत के मुताबिक वहां कोई भगदड़ नहीं मची थी. उनका कहना है कि मंच से 4-5 बार लोगों को धोबी घाट मैदान के भीतर आने के लिए भी कहा गया था|

वहीं पीएम मोदी ने हादसे को लेकर शोक व्यक्त किया है। मोदी ने एक ट्वीट करते हुए लिखा, ‘यह हादसा दिल-दहलाने वाला है। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान हादसे में मरने वालों के परिवारों को शांति प्रदान करे।’ उन्होंने अपने अधिकारियों को तत्काल जरूरी सहायता पहुंचाने को कहा है।

अमृतसर ट्रेन हादसा: 37 ट्रेनें निरस्त, 16 का बदला रास्ता

पंजाब के अमृतसर में हुए रेल हादसे के बाद रेलवे ने शनिवार को वहां से गुजरने वाली 37 ट्रेनों को निरस्त कर दिया है जबकि 16 अन्य का मार्ग परिवर्तित कर दिया है| इसके साथ ही जालंधर अमृतसर रेलमार्ग पर आवाजाही रोक दी गई है|

उत्तर रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि 10 मेल/एक्सप्रेस और 27 पैसेंजर रेलगाडि़यों को निरस्त कर दिया गया है| इसके अलावा 16 अन्य गाडियों को दूसरे मार्ग से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है जबकि 18 ट्रेनों को बीच में ही रोक कर उनकी यात्रा समाप्त कर दी गई|

शुक्रवार को देर शाम हुए इस हादसे में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है और 72 से अधिक लोग घायल हुए हैं| ये लोग दशहरा के पर्व पर वहां खाली जगह पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम को देखने एकत्र हुए थे|

अमृतसर हादसे वाली जगह पर भारी पुलिस बल तैनात

पंजाब के अमृतसर शहर में जोड़ा फाटक के पास हुई रेल दुर्घटना की जगह पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शनिवार को पंजाब पुलिस के कमांडो और त्वरित कार्यबल के जवानों की तैनाती की गई. इस हादसे में 61 लोगों की जान चली गई|

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह शनिवार दिन में घटनास्थल का दौरा करेंगे. उन्होंने इस त्रासद ट्रेन हादसे की जांच के आदेश दिए. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिऐ हादसे वाली जगह पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है|

रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने अमृतसर हादसे पर कहा है कि लोगों को भविष्य में पटरियों के नजदीक ऐसे आयोजन करने से बचना चाहिए. ड्राइवर को ट्रेन कहां स्लो करनी है, इसके लिए विशेष निर्देष दिए जाते हैं. उन्होंने बताया कि वहां एक कर्व था. ड्राइवर आगे की चीज को नहीं देख सका. उन्होंने पूछा कि हमें किस बात के लिए जांच का आदेश देना चाहिए. क्या ट्रेन स्पीड में चल रही थी इसकी जांच की जाए|

Summary
अमृतसर में रावण दहन के दौरान बड़ा रेल हादसा, 61 लोगों की जाने गयी 57 घायल
Article Name
अमृतसर में रावण दहन के दौरान बड़ा रेल हादसा, 61 लोगों की जाने गयी 57 घायल
Description
रावण दहन के लिए जुटे लोग तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। अब तक 61 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है,
Author
Publisher Name
The Policy Times
Publisher Logo