बच्चों के कंधों से घटेगा किताबों का बोझ, केंद्र ने राज्यों को जारी किए निर्देश

बच्चों के कंधों से जल्द ही बस्ते का बोझ कम होने वाला है। केंद्र सरकार ने स्कूल बैग का भार कम करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। मानव संसाधन मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए हैं। मानव संसाधन मंत्रालय ने कहा कि स्कूल बच्चों के बैग के वजन को कम करने के लिए भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार नियम बनाएं। सरकार द्वारा बनाए गए नियमों में पहली से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई करने वाले बच्चों के बस्ते का बोझ सीमित किया गया है। हर क्लास और बच्चों की उम्र के हिसाब से बस्ते का वजन भी निर्धारित किया गया है। इसके साथ-साथ छोटी क्लास में होमवर्क को भी बंद किया जाएगा। आइये जानते हैं किस क्लास के बच्चे को कितने वजन का बस्ता उठाना पड़ेगा।

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The center has given the intention of reducing the burden of books from the shoulders of children

बच्चों के कंधों से जल्द ही बस्ते का बोझ कम होने वाला है। केंद्र सरकार ने स्कूल बैग का भार कम करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। मानव संसाधन मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए हैं। मानव संसाधन मंत्रालय ने कहा कि स्कूल बच्चों के बैग के वजन को कम करने के लिए भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार नियम बनाएं। सरकार द्वारा बनाए गए नियमों में पहली से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई करने वाले बच्चों के बस्ते का बोझ सीमित किया गया है। हर क्लास और बच्चों की उम्र के हिसाब से बस्ते का वजन भी निर्धारित किया गया है। इसके साथ-साथ छोटी क्लास में होमवर्क को भी बंद किया जाएगा। आइये जानते हैं किस क्लास के बच्चे को कितने वजन का बस्ता उठाना पड़ेगा।

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कक्षा पहली से 10वीं तक विद्यार्थियों का स्कूल बैग वजन निर्धारित

मानव संसाधन मंत्रालय ने कक्षा पहली से कक्षा दसवीं तक के विद्यार्थियों के स्कूल बैग के वजन को निर्धारित कर दिया है। इससे मासूम बच्चों को होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। इसके साथ ही बच्चों के होमवर्क को लेकर भी नए नियम बनाए गए हैं। इसके लिए मानव संसाधन मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को गाइडलाइन जारी कर दी है।

कितना होगा स्कूली बच्चों के बैग का वजन

नए नियमों के मुताबिक कक्षा पहली और दूसरी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बैग का वजन केवल डेढ़ किलोग्राम होगा। तीसरी से पांचवी के विद्यार्थियों के बैग का वजन दो से तीन किलो, कक्षा 6वीं और सातवीं का चार किलो, आठवीं से नौवीं कक्षा के छात्रों का बैग का वजन साढ़े चार किलो वजन, कक्षा दसवीं में पढ़ने वाले विद्यार्थी के बैग का वजन केवल पांच किलो होना चाहिए।

पहली और दूसरी के छात्रों को हमवर्क से छुटकारा

मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों को होमवर्क नहीं देने का निर्देश जारी किया गया है। इसके साथ ही भाषा और गणित विषय के अलावा कोई और विषय नहीं पढ़ाया जाएगा। वहीं कक्षा तीसरी से पांच तक भाषा, पर्यावरण संबंधित और गणित विषय को एनसीईआरटी किताबों से पढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा किसी तरह के भारी सामान स्कूल बैग में लेकर स्कूल नहीं लाने का निर्देश दिया गया है।

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The center has given the intention to the state of reducing the burden of books from the shoulders of children
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बच्चों के कंधों से जल्द ही बस्ते का बोझ कम होने वाला है। केंद्र सरकार ने स्कूल बैग का भार कम करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। मानव संसाधन मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए हैं। मानव संसाधन मंत्रालय ने कहा कि स्कूल बच्चों के बैग के वजन को कम करने के लिए भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार नियम बनाएं। सरकार द्वारा बनाए गए नियमों में पहली से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई करने वाले बच्चों के बस्ते का बोझ सीमित किया गया है। हर क्लास और बच्चों की उम्र के हिसाब से बस्ते का वजन भी निर्धारित किया गया है। इसके साथ-साथ छोटी क्लास में होमवर्क को भी बंद किया जाएगा। आइये जानते हैं किस क्लास के बच्चे को कितने वजन का बस्ता उठाना पड़ेगा।
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