योगी आदित्यनाथ के दावों में कितनी सच्चाई है; क्या दंगामुक्त हो गया है उत्तरप्रदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 3 जनवरी को ट्वीट करते हुए लिखा, “मार्च में मेरे शासनकाल के दो वर्ष पूरे होंगे| मेरे 2 साल के शासन में कोई दंगा नहीं हुआ है|

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There is so much truth in Yogi Adityanath's claims; Uttar Pradesh is riot free
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 3 जनवरी को ट्वीट करते हुए लिखा, “मार्च में मेरे शासनकाल के दो वर्ष पूरे होंगे| मेरे 2 साल के शासन में कोई दंगा नहीं हुआ है|

लगता है योगी आदित्यनाथ हाल ही में हुए बुलंदशहर हिंसा को भूल जब उन्होंने  अपने शासन की तारीफ करते हुए योगी आदित्यनाथ ने एक दूसरे ट्वीट में लिखा, “हमने संगठित किस्म के अपराध पर एक हद तक काबू पा लिया है| हमने कानून के राज को मजबूत बनाया है| पारिवारिक झगड़े या निजी दुश्मनी के कुछ मामलों को छोड़ दें, तो फिर पूरे प्रदेश में अब लोग सुरक्षित हैं|

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अगर आकड़ों की बात करें तो देश में सबसे ज़्यादा सांप्रदायिक हिंसा उत्तर प्रदेश में हुई. योगी आदित्यनाथ के दावे सच्चाई से बहुत दूर नजर आते हैं| आइए योगी आदित्यनाथ के दोनों ट्वीट के दावों पर एक-एक करके नजर डालते हैं|

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के कुछ महीनों बाद ही मई 2017 में सहारनपुर में जातीय हिंसा हुई. इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए थे|

जनवरी, 2018 में यूपी के कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा हुई, जहां एक व्यक्ति की मौत हुई थी|

बीते साल दिसंबर में पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर में गोकशी के नाम पर हुई हिंसा में एक पुलिस अधिकारी समेत दो लोगों की मौत हुई|

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साल 2018 के खत्म होने से ठीक कुछ दिन पहले गाजीपुर में पीएम मोदी की रैली के बाद हिंसा हुई. इसमें एक पुलिस वाले की मौत हो गई|

अब अगर योगी के दुसरे ट्वीट की बात करें

फैक्टचेकर डॉट इन की हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुतबिक, साल 2018 में 26 दिसंबर तक धार्मिक हिंसा के 93 मामले सामने आए हैं| जो पिछले एक दशक में हुए धार्मिक हिंसा में सबसे ज्यादा है| इनमें हिंसा के सबसे ज्यादा 27 मामले अकेल यूपी से हैं| जब से भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ता में आई है, तब से लेकर अब तक देशभर में गोहत्या से जुड़ी हिंसा के 69 परसेंट मामले अकले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए हैं|

इसके अलावा गृह मंत्रालय की रिपोर्ट भी योगी आदित्यनाथ के दावे के गलत साबित करती है| फरवरी 2018 में संसद में पेश हुई इस रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2017 में सांप्रदायिक हिंसा के सबसे ज्याद मामले उत्तर प्रदेश में हुए हैं|

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही देश में दंगा मुक्त शासन देने की बात कहते हों, लेकिन बीजेपी शासित उत्तर प्रदेश में 2017 में सबसे ज्यादा दंगे हुए हैं|

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2017 में किस राज्य में हुए कितने दंगे

उत्तर प्रदेश- 195

कर्नाटक- 100

राजस्थान- 91

बिहार- 85

मध्य प्रदेश- 60

2017 में देश में 822 साम्प्रदायिक घटनाएं हुईं जिनमें 111 लोग मारे गए और 2384 लोग घायल हुए| इनमें 2017 में यूपी में 195 दंगों की घटनाओं को रिपोर्ट किया गया जिनमें 44 लोगों की हत्या हुई और 542 घायल हुए|

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योगी ने ली थी दंगा मुक्त राज्य बनाने की शपथ

आपको याद हो तो सीएम पद की शपथ लेने के बाद योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यूपी में उनकी सरकार में कोई दंगा नहीं होगा| लेकिन अगर आंकड़ों की बात करें तो योगी जी अपने दावों पर खड़े उतरते नज़र नहीं आ रहे है|

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There is so much truth in Yogi Adityanath's claims; is Uttar Pradesh  riot free
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There is so much truth in Yogi Adityanath's claims; is Uttar Pradesh riot free
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 3 जनवरी को ट्वीट करते हुए लिखा, “मार्च में मेरे शासनकाल के दो वर्ष पूरे होंगे| मेरे 2 साल के शासन में कोई दंगा नहीं हुआ है|
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