तुर्की ने सऊदी अरब सरकार पर पत्रकार खाशोगगी की हत्त्या का आरोप लगाया

आपको बता दें की सऊदी अरब के मशहूर पत्रकार जमाल खाशोगगी दो अक्टूबर को अपनी शादी से जुड़े दस्तावेज़ लेने के लिए तुर्की में अपने देश के वाणिज्यिक दूतावास गए थे, लेकिन वो अब तक वापस नहीं लौटे|

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Turkey Blames Saudi Arabia for Journalist Jamal Khashoggi’s Murder

सीएनबीसी एंकर और न्यूयॉर्क टाइम्स के बिजनेस पत्रकार एंड्रयू रॉस सोर्किन ने ट्वीट किया कि वह सम्मेलन में भाग नहीं ले रहे है और उनका कहना है की  पत्रकार जमाल खाशोगगी के गायब होने और उनकी हत्या की रिपोर्ट से बहुत परेशान है।

आपको बता दें की सऊदी अरब के मशहूर पत्रकार जमाल खाशोगगी दो अक्टूबर को अपनी शादी से जुड़े दस्तावेज़ लेने के लिए तुर्की में अपने देश के वाणिज्यिक दूतावास गए थे, लेकिन वो अब तक वापस नहीं लौटे| तुर्की की सत्ताधारी एके पार्टी के एक शीर्ष अधिकारी ने दावा किया है कि सऊदी अरब के लापता पत्रकार ज़माल खाशोगगी की हत्या इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्यिक दूतावास में किए जाने के सबूत तुर्की के जांचकर्ताओं को मिले हैं|

पत्रकार जमाल खाशोगगी खुद को तुर्की में सुरक्षित मानते थे| खाशोगगी एक अनुभवी पत्रकार और संपादक के तौर पर वाशिंगटन पोस्ट में पिछले एक साल से कॉलम लिखा करते थे,जिसमें वह नियमित रूप से अपने देश की शख्त कानून व्यवस्था की आलोचना किया करते थे| वह यमन में युद्ध और कतर पर लगाए गए प्रतिबंधों की भी मुखर आलोचना करते थे| शनिवार को इस्तांबुल में सऊदी के कौंसुल जनरल मोहम्मद अल ओतैबी ने कहा, “मैं इसकी पुष्टि करता हूं कि नागरिक जमाल न ही सऊदी दूतावास में हैं और न ही सऊदी अरबमें हैं और हमारा दूतावास उन्हें खोजने के प्रयास कर रहा है और उन्हें लेकर चिंतित है|

अमेरिका में 20 से ज्यादा शीर्ष सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खाशोगगी के बारे में पता लगाने के लिए जांच का आदेश देने तथा इसके पीछे जिम्मेदार लोगों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है। 22 सांसदों ने  ट्रम्प को लिखे एक पत्र में उनसे ग्लोबल मैग्नित्स्की अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया जिसके तहत राष्ट्रपति के पास खाशोगगी की गुमशुदगी में शामिल किसी विदेशी व्यक्ति पर प्रतिबंध लगाने के लिए 120 दिन का समय होता है। खाशोगगी सऊदी सरकार और शहजादे मोहम्मद बिन सलमान के कटु आलोचक रहे हैं|

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अमेरिका ने सऊदी राजदूत खालिद बिन सलमान से कहा था कि खाशोगगी इस्तांबुल वाणिज्य देतावास से गायब हुए थे| इसे सऊदी अरब ने पूरी तरह से झूठा, आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण करार दिया| उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह उनके खिलाफ अफवाहें फैला रहा है| लापता पत्रकार का पता लगाने के लिए सऊदी अरब ने तुर्की अधिकारियों के साथ मिलकर एक जांच टीम का गठन किया है|

क्या है तुर्की का आरोप

तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि खाशोगगी का क़त्ल दूतावास के भीतर ही हुआ है और उनका शव वहां से हटा दिया गया|

जांचकर्ताओं के मुताबिक सऊदी अरब से एक 15 सदस्यीय दल मंगलवार को इंस्तांबुल दूतावास पहुंचा था और उसी दिन सऊदी की राजधानी रियाद लौट गया था|

एक वक़्त जमाल खाशोगगी सऊदी के शाही परिवार के सलाहकार हुआ करते थे | लेकिन धीरे-धीरे वो सऊदी सरकार के प्रखर आलोचक बन गए और 2017 में देश छोड़कर चले गए| 1990 में वो सऊदी अरब लौट आए और 1999 में अरब न्यूज़ नाम के अंग्रेज़ी अखबार के उपसंपादक बन गए फिर 2003 में वो अल वतन अख़बार के संपादक बन गए, लेकिन सिर्फ़ दो महीने में ही उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया, क्योंकि वो सऊदी के शाही परिवार की आलोचना वाली ख़बरे छाप रहे थे| नौकरी से निकाले जाने के बाद वो लंदन और फिर वॉशिंगटन चलेगए| यहां वो राजदूत प्रिंस तुर्की बिन-फैसल के मीडिया सलाहकार के तौर पर काम करने लगे|  फैसल सऊदी अरब के पूर्व इंटेलिजेंस प्रमुख थे| सऊदी मामलों पर प्रमुखता से बोलनेवाले जमाल खाशोगगी कई अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ संस्थानों के लिए भी लगातार लिखते थे| पत्रकार जमाल 2017 में सऊदी अरब छोड़कर अमरीका चले गए थे|

यहां सिंतबर में उन्होंने वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार के लिए लिखना शुरू किया | अपने पहले ही लेख में उन्होंने कहा कि मुझे और कई दूसरे लोगों को गिरफ़्तारी के डर से देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा| उन्होंने आरोप लगाया कि सऊदी की सरकार ने अरब के दैनिक अख़बार अल-हयात पर उनका कॉलम रोकने का दबाव बनाया| जमाल ने ये भी कहा कि 2016 में अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को लेकर उनके एक ट्वीट के बाद उन्हें ट्विटर बंद करने के लिए कहा गया| उन्होंने बताया कि ट्विटर पर उन्हें 1.8 मिलियन लोग फॉलो करते हैं|

खाशोगगी के बारे में टिप्पणी करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगन ने सऊदी अरब को चुनौती दी| उन्होंने कहा कि वह अपनी बातों के समर्थन में सीसीटीवी फुटेज मुहैया कराए | उन्होंने पूछा, “क्या यह संभव है कि एक दूतावास में अथवा वाणिज्य दूतावास में कोई कैमरा सिस्टम न हो? दूतावास ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे उस दिन काम नहीं कर रहे थे और उसने हत्या के दावों को खारिज करते हुए इसे “आधारहीन” बताया था|

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तुर्की ने सऊदी अरब सरकार पर पत्रकार खाशोगगी की हत्त्या का आरोप लगाया
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आपको बता दें की सऊदी अरब के मशहूर पत्रकार जमाल खाशोगगी दो अक्टूबर को अपनी शादी से जुड़े दस्तावेज़ लेने के लिए तुर्की में अपने देश के वाणिज्यिक दूतावास गए थे, लेकिन वो अब तक वापस नहीं लौटे|
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The Policy Times
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