अमेरिका-चीन ट्रेड वार: निर्यात को बढ़ाकर भारत अपना व्यापार घाटा कर सकता है पूरा

रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्यात को बढ़ाकर भारत अपना व्यापार घाटा पूरा कर सकता है| अप्रैल-फरवरी 2018-19 के दौरान चीन के साथ व्यापार में भारत को 50.12 अरब डॉलर का घाटा हुआ|

0
America-China Trade war
108 Views

अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वार से भारत को फायदा होने की बात कही जा रही है| दोनों देशों ने एक दुसरे पर भरी भरकम टैरिफ लगा रखी है| ऐसे में भारत के 151 उत्पाद ऐसे हैं जो अमेरिका से चीन जाने वाले उत्पादों की जगह ले सकते हैं| इसी तरह से भारत के 203 उत्पाद ऐसे हैं जो चीन से अमेरिका जा रहे सामान की जगह ले सकते हैं| रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेड वॉर के चलते भारत लिए अपार संभावनाओं का बाजार खुल गया है|

Related Article:US-China trade war and impact on the world economy

रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्यात को बढ़ाकर भारत अपना व्यापार घाटा पूरा कर सकता है| अप्रैल-फरवरी 2018-19 के दौरान चीन के साथ व्यापार में भारत को 50.12 अरब डॉलर का घाटा हुआ|

चीन अमेरिका से ऐसे 100 से ज्यादा प्रॉडक्ट्स मंगाता रहा है जिन्हें ट्रेड वॉर के बीच भारत उसे उपलब्ध करा सकता है| इंडिया को चीन के बाजारों में एक्सेस मिला हुआ है और इन प्रॉडक्ट्स के एक्सपोर्ट के मोर्चे पर इसका अमेरिका के साथ कॉम्पिटिशन भी है| चीन ने अमेरिका से आने वाले ज्यादातर केमिकल्स पर 5-25% की इंपोर्ट ड्यूटी लगाई है जबकि इंडियन केमिकल्स पर सिर्फ 2-7% का इंपोर्ट टैरिफ है।

चीन ने अमेरिका से आने वाले कॉपर कंसंट्रेट्स, ग्रेनाइट और इनवर्टर्स जैसे अहम प्रॉडक्ट्स पर 1 जून से 25% जबकि रिक्लेम्ड रबड़ से बनने वाले प्रॉडक्ट्स और टैप पार्ट्स पर 20% की ड्यूटी लगा दी है| दुनिया की दो सबसे तेज ग्रोथ वाली इकनॉमी, भारत और चीन एशिया पैसिफिक ट्रेड अग्रीमेंट की मेंबर्स हैं और ये 14 अन्य देशों के साथ रीजनल कॉम्प्रिहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप ट्रेड अग्रीमेंट के लिए बातचीत कर रही हैं| आधिकारिक सूत्र ने कहा है कि दोनों देशों के ट्रेड वॉर ने भारत को चीन में एक्सपोर्ट बढ़ाने का मौका दिया है|

Related Article:War will not solve US’s issues with Iran

पिछले साल अमरीका ने चीन के साथ ट्रेड वॉर शुरू किया था| 2018 में अमरीका ने 250 अरब डॉलर के चीनी सामानों पर आयात कर लगाया था| बदले में बीजिंग ने 110 अरब डॉलर के अमरीकी सामानों पर आयात शुल्क लगाया|

इस साल की शुरुआत में ही 200 अरब डॉलर के चीनी सामानों पर शुल्क को 10% से 25% बढ़ाया गया| अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) का कहना है कि पिछले साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में आई गिरावट के पीछे अमरीका और चीन में तनाव बढ़ना एक प्रमुख कारण था जिसकी वजह से साल 2019 का आर्थिक अनुमान घटाना पड़ा| इसका असर कुछ देशों पर पड़ा है, खासकर जो अमरीका या चीन के अहम व्यापारिक साझीदार हैं या इस सप्लाई चेन में कहीं न कहीं आते हैं|

Summary
Article Name
America-China Trade war
Description
रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्यात को बढ़ाकर भारत अपना व्यापार घाटा पूरा कर सकता है| अप्रैल-फरवरी 2018-19 के दौरान चीन के साथ व्यापार में भारत को 50.12 अरब डॉलर का घाटा हुआ|
Author
Publisher Name
The Policy Times