औरंगाबाद हादसा: आराम के लिए रुके मज़दूरों पर चली मालगाड़ी, 16 की हुई मौत 5 गंभीर रूप से घायल

करीब 36 किमी. तक पैदल चलने के बाद जब सभी मजदूर थक गए थे, तो ट्रैक के पास ही आराम के लिए लेट गए और वहां ही सो गए. इनमें से 16 लोग ट्रैक पर सोए, 2 बराबर में और बाकी तीन कुछ दूरी पर सोए. इन्हीं में से 14 की मौत हो गई है, बाकी जो घायल हैं उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है.

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Aurangabad accident Cargo train rolled 16 workers to death while sleeping on railway track_The Policy Times

लॉकडाउन की वजह से काम बंद हुआ तो लाखों की संख्या में मजदूर जहां थे, उन्हें जहां थे वहीं रुकना पड़ा. इस लॉकडाउन के चलते जलना की एक सरिया उप्तादन की कंपनी पिछले 45 दिनों से बंद पद गई है जिस में काम करने वाले मज़दूरों के दो वक्त की रोटी के लाले पड़ गए। यहाँ ज़्यादातर मज़दूर उत्तर भारत से आते है, अब गरीब मज़दूरों के पास जो जमा पूंजी थी वो तो इस मुश्किल समय में ख़तम होगई। किसी तरह महीना भर काम चलाया। फिर सामाजिक संगठनों और सरकार के भरोसे। पेट भरने की ये मदद दो या तीन दिन में एक बार ही नसीब हो रही थी।

इस बीच एक खबर आई। पता लगा कि सरकार दूसरे राज्यों के मजदूरों को घर भेजने के लिए औरंगाबाद या भुसावल से कोई ट्रेन चलाने वाली है। यह खबर सुन कर मध्य प्रदेश क कुछ मज़दूर रेल ट्रैक के सहारे दूसरे राज्य में जाने के लिए निकल पड़े।

करीब 36 किमी. तक पैदल चलने के बाद जब सभी मजदूर थक गए थे, तो ट्रैक के पास ही आराम के लिए लेट गए और वहां ही सो गए. इनमें से 16 लोग ट्रैक पर सोए, 2 बराबर में और बाकी तीन कुछ दूरी पर सोए. इन्हीं में से 14 की मौत हो गई है, बाकी जो घायल हैं उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है.

पुलिस और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के अफसर मौके पर पहुंच गए हैं. अभी तक मजदूरों की शिनाख्त नहीं हो सकी है. बताया जा रहा है कि हादसा बेहद दर्दनाक था. घटना के समय इलाके में चीख-पुकार मच गई. मिली जानकारी के अनुसार, मजदूरों को ट्रैक पर देखने के बाद लोको पायलट ने मालगाड़ी को रोकने की काफी कोशिश की लेकिन फिर भी सही समय पर ट्रेन नहीं रुक पाई. हादसे का शिकार हुए 14 मजदूरों की मौत हो चुकी है. 5 लोग घायल हैं. औरंगाबाद के सरकारी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने घटना पर दुख जताया है. पीएम ने ट्वीट किया, ‘महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे में जानमाल के नुकसान से बेहद दुखी हूं. रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल से बात कर चुका हूं और वह स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. हर संभव मदद दी जा रही है.’

गौरतलब है कि 24 मार्च को जब लॉकडाउन का ऐलान हुआ तो लाखों की संख्या में मजदूर फंस गए थे, उसके बाद कई मजदूर पैदल ही सैकड़ों किमी. चलकर अपने घर के लिए रवाना हुए.

इस हादसे के बाद अब रेल मंत्रालय की ओर से जांच के आदेश दिए गए हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है, साथ ही घायलों के इलाज पर नज़र रखी जा रही है.

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TPT Nes Bureau