3 महीने के लिए टल गई अयोध्या विवाद की सुनवाई

आज की सुनवाई में विवादित भूमि को तीन भागों में बांटने वाले 2010 के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर होनी थी| सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि ये मामला अर्जेंट सुनवाई के तहत नहीं सुना जा सकता है|

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राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर आज देश के सबसे बड़े कोर्ट में सुनवाई हुई पर सुप्रीम कोर्ट में मात्र 3 मिनट में ही सुनवाई टल गई| चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने अब इस मामले के लिए जनवरी 2019 की तारीख तय की है यानी अब ये मामला करीब 3 महीने बाद ही कोर्ट में उठेगा|

आज की सुनवाई में विवादित भूमि को तीन भागों में बांटने वाले 2010 के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर होनी थी| सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि ये मामला अर्जेंट सुनवाई के तहत नहीं सुना जा सकता है|

बता दें कि हाईकोर्ट की 3 जजों की बेंच ने 2:1 के बहुमत वाले फैसले में कहा था कि 2.77 एकड़ जमीन को तीनों पक्षों- सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला में बराबर-बराबर बांट दिया जाए।

मालुम हो यह मामला साल 2010 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है लेकिन भूमि विवाद के मसले पर अब तक सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है। सुनवाई की शुरुआत में ही मुस्लिम पक्षकारों ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला 1994 में इस्माइल फारूखी मामले में सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी से प्रभावित है जिसमें कहा गया था कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है।

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आपको बता दें कि राम मंदिर के लिए होने वाले आंदोलन के दौरान 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को गिरा दिया गया था| इस मामले में आपराधिक केस के साथ-साथ दीवानी मुकदमा भी चला था| टाइटल विवाद से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है|

सुप्रीम कोर्ट का फैसला सबको मानना पड़ेगा: रविशंकर प्रसाद

बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि बहुत लोग चाहते हैं कि अयोध्याम मामले पर तुरंत सुनवाई हो| हम राम मंदिर को चुनाव से जोड़कर नहीं देखते| अगर केंद्र सरकार अयोध्याु मामले पर अध्यादेश लाती है तो फटकार पड़ेगी| सरकार मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाकर दिखाए| उन्हों ने कहा कि अयोध्या  मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सबको मानना पड़ेगा| फैसले का विरोध करना ठीक नहीं है| देश मर्जी से नहीं बल्कि संविधान से चलता है|

कांग्रेस के दबाव में लिया गया फैसला: विनय कटियार

बीजेपी नेता विनय कटियार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कांग्रेस के दबाव में लिया फैसला बताते हुए कहा कि बर्दाश्त की भी सीमा होती है, आखिर कब तक हमें राम मंदिर के निर्माण का इंतजार करना होगा| उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से कपिल सिब्बल और प्रशांत भूषण ने जो बयान दिया है उससे साफ जाहिर है कि सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस के दबाव में आकर काम कर रही है और इसी का नतीजा है कि सुनवाई जनवरी 2019 तक के लिए टाल दी गई है|

हर पांच साल में बीजेपी उछालती है मुद्दा: चिदंबरम

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि यह एक जानी पहचानी कहानी है| हर पांच साल में चुनावों के पहले बीजेपी राम मंदिर के मुद्दे को उछालती है| अयोध्या मामले पर कांग्रेस का रुख यही है कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है| हम सभी को इंतजार करना चाहिए|

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The Policy Times
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