बजट के बारे में ये 10 दिलचस्प बातें जानते हैं आप?

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश हो चुका है। इस बजट में मध्‍यम वर्ग के लिए टैक्‍स के मोर्चे पर कोई बड़ी राहत नहीं दी गई है। इसके बावजूद बजट में एक ऐसा ऐलान हुआ है जिसकी मदद से आप 13 लाख तक की अपनी कमाई को टैक्‍स फ्री कर सकते हैं। आइए जानते हैं क्‍या हुआ है ऐलान और 13 लाख रुपये तक की कमाई पर टैक्‍स बचाने का क्‍या है कैलकुलेशन।

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Budget 2019: 10 Interesting facts about budget
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मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश हो चुका है। इस बजट में मध्‍यम वर्ग के लिए टैक्‍स के मोर्चे पर कोई बड़ी राहत नहीं दी गई है। इसके बावजूद बजट में एक ऐसा ऐलान हुआ है जिसकी मदद से आप 13 लाख तक की अपनी कमाई को टैक्‍स फ्री कर सकते हैं। आइए जानते हैं क्‍या हुआ है ऐलान और 13 लाख रुपये तक की कमाई पर टैक्‍स बचाने का क्‍या है कैलकुलेशन।

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सरकार ने आम बजट में 45 लाख तक के मकान खरीदने वालों को लोन के ब्याज पर 1.5 लाख की अतिरिक्त छूट का ऐलान किया गया है। पहले यह छूट 2 लाख तक की थी जो अब बढ़कर 3.50 लाख हो जाएगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल के लोन में 1.5 लाख रुपये तक की छूट दी जाएगी। इन सबका फायदा उठाकर आप 13 लाख रुपये तक की सालान कमाई पर भी टैक्‍स से बच सकते हैं।

केंद्रीय बजट के बारे में 10 बड़ी बातें

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बजट शब्द वास्तव में लैटिन शब्द बुल्गा से लिया गया है। बुल्गा का अर्थ होता है चमड़े का थैला। इसके बाद यह शब्द फ्रांस की भाषा में बोऊगेट बना। इसके बाद थोड़े से अपभ्रंश के बाद अंग्रेजी में यह शब्द बोगेट या बोजेट बना। बाद में यही शब्द बजट बन गया।

भारत में बजट की शुरुआत ईस्ट इंडिया कंपनी के जेम्स विल्सन ने 18 फरवरी 1860 को पेश किया था। जेम्स विल्सन को भारतीय बजट व्यवस्था का जनक भी कहा जाता है। भारत में 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाले वित्त वर्ष की शुरुआत 1867 में हुई थी. इससे पहले तक 1 मई से 30 अप्रैल तक वित्त वर्ष होता था।

स्वतंत्र भारत का पहला बजट वित्त मंत्री आर के षणमुखम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया। गणतंत्र भारत का पहला बजट 28 फरवरी 1950 को जॉन मथाई ने पेश किया। चेट्टी ने 1948-49 के बजट में पहली बार अंतरिम शब्द का प्रयोग किया। इसके बाद ही छोटी अवधि के बजट के लिए अंतरिम शब्द का प्रयोग शुरू हुआ। सीडी देशमुख भारत के वित्त मंत्री के साथ रिजर्व बैंक के पहले गवर्नर भी थे।

बजट पेपर पहले राष्ट्रपति भवन में ही छापे जाते थे। लेकिन साल 1950 में पेपर लीक हो जाने के बाद से इन्हें दिल्ली के मिंटो रोड स्थित सिक्योरिटी प्रेस में छापा जाने लगा। साल 1980 से बजट पेपर नॉर्थ ब्लॉक से प्रिंट होने लगे। शुरुआत में बजट अंग्रेजी में बनाया जाता था। लेकिन साल 1955-56 से बजट दस्तावेज हिन्दी में भी तैयार जाने लगे। साल 1955-56 में बजट में पहली बार कालाधन उजागर करने की योजना शुरू की गई थी।

बजट छपने के लिए भेजे जाने से पहले वित्त मंत्रालय में हलवा खाने की रस्म निभाई जाती है। हलवा खाने की इस रस्म के बाद बजट पेश होने तक वित्त मंत्रालय के अधिकारी किसी के संपर्क में नहीं रहते। इस दौरान वे अपने परिवार से भी दूर रहते हैं। वे इस दौरान वित्त मंत्रालय में ही ठहरते हैं। बजट की गोपनीयता के हिसाब से नॉर्थ ब्लॉक में मोबाइल जैमर लगा होता है।

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साल 1958-59 में देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने बजट पेश किया। इसकी वजह यह थी कि उस समय वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी उनके पास ही थी। केंद्रीय बजट पेश करने वाले वे देश के पहले प्रधानमंत्री बने। नेहरू के बाद उनकी बेटी इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने भी प्रधानमंत्री रहते हुए बजट पेश किया।

भारत की पहली महिला वित्त मंत्री के रूप में इंदिरा गांधी ने 1970 में आम बजट पेश किया था। उस समय वे देश की प्रधानमंत्री थीं. साथ में वित्त मंत्रालय का प्रभार भी उनके पास ही था। भारत के इतिहास में वे इकलौती महिला हैं, जिन्होंने आम बजट पेश किया था। लेकिन, निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं।

देश के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने अब तक सबसे अधिक 10 बार बजट पेश किया। वे 6 बार वित्त मंत्री और 4 बार उप प्रधानमंत्री रहे। इनमें 2 अंतरिम बजट भी शामिल हैं। अपने जन्मदिन पर 2 बार बजट पेश करने वाले भी वे देश के एकमात्र वित्त मंत्री रहे। देसाई का जन्म 29 फरवरी को हुआ था जो 4 साल में एक बार आता है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी वित्त मंत्री के रूप में 7 बार बजट पेश कर चुके हैं।

साल 2000 तक अंग्रेजी परंपरा के हिसाब से बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था। साल 2001 में अटलबिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने इस परंपरा को तोड़ा। अब सुबह 11 बजे संसद में बजट पेश करने की परंपरा शुरू की गयी। शाम में बजट पेश करने का चलन ब्रिटिश संसद के आधार पर तय किया गया था।

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साल 2017 से पहले बजट फरवरी महीने के आखिरी कामकाजी दिन पेश किया जाता था। साल 2017 से इसे 1 फरवरी या फरवरी के पहले कामकाजी दिन पेश किया जाने लगा। साल 2017 के बजट से ही केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने रेल बजट को आम बजट में समायोजित कर एक और प्रयोग किया।



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मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश हो चुका है। इस बजट में मध्‍यम वर्ग के लिए टैक्‍स के मोर्चे पर कोई बड़ी राहत नहीं दी गई है। इसके बावजूद बजट में एक ऐसा ऐलान हुआ है जिसकी मदद से आप 13 लाख तक की अपनी कमाई को टैक्‍स फ्री कर सकते हैं। आइए जानते हैं क्‍या हुआ है ऐलान और 13 लाख रुपये तक की कमाई पर टैक्‍स बचाने का क्‍या है कैलकुलेशन।
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The Policy Times