सीबीआई विवाद: सीवीसी ने आलोक वर्मा का बयान दर्ज किया

सीबीआई में चल रही वर्चस्व की जंग में छुट्टी पर भेजे गए निदेशक आलोक वर्मा से सीवीसी दफ्तर में पूछताछ चल रही है। इस दौरान वह अपना बयान दर्ज करा रहे हैं। बता दें कि जांच पूरी होने तक आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया था।

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सीबीआई में चल रही वर्चस्व की जंग में छुट्टी पर भेजे गए निदेशक आलोक वर्मा से सीवीसी दफ्तर में पूछताछ चल रही है। इस दौरान वह अपना बयान दर्ज करा रहे हैं। बता दें कि जांच पूरी होने तक आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया था।

रिश्वतखोरी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना शुक्रवार को केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के सामने पेश हुए और अपना पक्ष रखा। एक दिन पहले गुरुवार को भी उन्होंने सीवीसी केवी चौधरी से मुलाकात की थी और माना जा रहा है कि उन्होंने जांच एजेंसी के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार किया।

वर्मा और अस्थाना को केंद्रर सरकार ने छुट्टी पर भेजा हुआ है। अधिकारियों ने कहा कि गुुरुवार को अस्थाना ने चौधरी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि आयोग ने हाल में अहम मामलों की जांच कर रहे सीबीआई के कुछ अधिकारियों से पूछताछ की थी। इन अधिकारियों के नाम सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा के खिलाफ भ्रष्टचार की अस्थाना की शिकायत में सामने आए थे।

अधिकारियों ने कहा कि निरीक्षक से पुलिस अधीक्षक रैंक के सीबीआई अधिकारियों को बुलाया गया और एक वरिष्ठ सीवीसी अधिकारी के सामने उनका बयान दर्ज किया गया। जिन अधिकारियों के बयान दर्ज किये गए उनमें मोइन कुरैशी रिश्वत मामला, पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव से जुड़े आईआरसीटीसी घोटाला, मवेशी तस्करी मामला संभालने वाले अधिकारी भी शामिल हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि वर्मा के खिलाफ आरोपों की सीवीसी की जांच की निगरानी शीर्ष अदालत के रिटायर्ड जस्टिस के पटनायक करेंगे। वर्मा ने उन्हें ड्यूटी से हटाने और छुट्टी पर भेजने के सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। वर्मा और अस्थाना के बीच गतिरोध अस्थाना और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर हाल में बढ़ गया था। प्राथमिकी में पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र कुमार का भी नाम दर्ज था जिसमें कथित रिश्वत मामले में सीबीआई हिरासत में हैं।

सीबीआई ने हैदराबाद के कारोबारी सना सतीश बाबू से दो करोड़ रुपए की रिश्वत कथित रूप से लेने के लिए अस्थाना के खिलाफ 15 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की थी। कथित रिश्वत मांस कारोबारी मोइन कुरैशी के खिलाफ जांच प्रभावित करने के लिए दो बिचौलियों मनोज प्रसाद और सोमेश प्रसाद के जरिये दी गई थी। अस्थाना ने 24 अगस्त को कैबिनेट सचिव को दी शिकायत में वर्मा के खिलाफ आरोप लगाए थे कि उन्हें पूछताछ में मदद के बदले सना से दो करोड़ रुपए की रिश्वत मिली थी।

अक्टूबर में भेजे गए थे छुट्टी पर

वर्मा और सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना में खींचतान की वजह से दोनों को 23 अक्टूबर उनके अधिकार वापस ले कर छुट्टी पर भेज दिया गया था। दोनों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सिफारिश की थी कि वर्मा और अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया जाए और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम गठित की जाए। इसके कुछ घंटों बाद ही सरकार ने कार्रवाई की थी।

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सीबीआई में चल रही वर्चस्व की जंग में छुट्टी पर भेजे गए निदेशक आलोक वर्मा से सीवीसी दफ्तर में पूछताछ चल रही है। इस दौरान वह अपना बयान दर्ज करा रहे हैं। बता दें कि जांच पूरी होने तक आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया था।
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The Policy Times
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