पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ उतरे पूर्व जवान तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द, मोदी सरकार को बताया तानाशाह

चुनाव आयोग ने पूर्व जवान तेज बहादुर यादव का नामांकन आज रद्द कर दिया है| समाजवादी पार्टी की ओर से उम्मीदवार के तौर पर उतरे तेज बहादुर यादव वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे टक्कर दे रहे थे|

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  1. चुनाव आयोग ने पूर्व जवान तेज बहादुर यादव का नामांकन आज रद्द कर दिया है|
  2. समाजवादी पार्टी की ओर से उम्मीदवार के तौर पर उतरे तेज बहादुर यादव वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे टक्कर दे रहे थे|
  3. तेज बहादुर ने दो नामांकन पत्र भरे थे| एक 24 अप्रैल को बतौर निर्दलीय उम्मीदवार और दूसरा 29 अप्रैल को सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में भरा था|
  4. तेज बहादुर का कहना है कि उनका नामांकन ग़लत तरीक़े से रद्द किया गया है| उन्होंने कहा, वे सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे|

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चुनाव आयोग ने पूर्व जवान तेज बहादुर यादव का नामांकन आज रद्द कर दिया है| समाजवादी पार्टी की ओर से उम्मीदवार के तौर पर उतरे तेज बहादुर यादव वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे टक्कर दे रहे थे| उल्लेखनीय है कि सोमवार को सपा ने वाराणसी के लिए तेज बहादुर यादव के नाम पर मुहर लगाई थी और शालिनी यादव के स्थान पर तेज बहादुर यादव के नाम का ऐलान किया था|

गलत तरीके से रद्द किया गया नामांकन: तेज बहादुर

तेज बहादुर ने दो नामांकन पत्र भरे थे| एक 24 अप्रैल को बतौर निर्दलीय उम्मीदवार और दूसरा 29 अप्रैल को सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में भरा था| तेज बहादुर का कहना है कि उनका नामांकन ग़लत तरीक़े से रद्द किया गया है| उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुझसे कल 6.15 बजे तक सबूत सौंपने को कहा गया था| हमने सबूत सौंप दिया था| फिर भी मेरा नामांकन रद्द किया गया| इसके लिए तेज बहादुर यादव और उनके वकील का कहना है कि वें सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे|

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तानाशाह बताते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री नहीं चाहते कि मैं यहाँ से उन के खिलाफ चुनाव लड़ूं| उन्होंने कहा, ‘मेरा आज नामांकन रद्द कर दिया गया जबकि मैंने बीएसएफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र पेश कर दिया जिसे निर्वाचन अधिकारी ने मांगा था|

वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी के सांसद है| इस बार भी वे वाराणसी से चुनाव लड़ रहे है| 26 अप्रैल को उन्होंने नामांकन दाखिल किया था जिसके बाद उन्होंने चुनावी रैली भी की थी|

तेज बहादुर यादव के नामांकन को लेकर पहला मोड़ तब आया जब 30 अप्रैल को ज़िला निर्वाचन अधिकारी की ओर से पहला नोटिस मिला जिसमें उनसे कहा गया कि वो बीएसएफ़ से एक चिठ्ठी लेकर आएँ जिससे पता चले कि उन्हें क्यों बर्ख़ास्त किया गया था| नोटिस में उन्हें ज़िला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष 1 मई 2109, यानी 90 सालों के बाद उपस्थित होने को कहा गया| बाद में दूसरा नोटिस जारी किया गया जिसमें पहले नोटिस में बताई गई तारीख़ को ‘क्लेरिकल मिस्टेक’ बताया गया और उन्हें 1 मई, 2019 को सुबह 11 बजे तक सीमा सुरक्षा बल से चिठ्ठी लाकर देने को कहा गया|

क्या कहा गया नोटिस में

बीएसएफ से बरखस्त तेज बहादुर यादव को ज़िला निर्वाचन अधिकारी और वाराणसी के रिटर्निंग अफसर सुरेंद्र सिंह द्वारा भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि जब तेज बहादुर ने बतौर निर्दलीय अपना नामांकन भरा था तो पर्चे दिए गए प्रावधान- ‘क्या आपको सरकारी सेवा से भ्रष्टाचार या देशद्रोह के आरोप में कभी बर्ख़ास्त किया गया है?’ इस सवाल के जवाब में तेज बहादुर ने पहले नामांकन पत्र में ‘हाँ’ लिखा था|

वहीं, ज़िला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार तेज बहादुर ने जब 29 अप्रैल को दूसरा नामांकन भरा तो उसके साथ उन्होंने एक शपथ पत्र दायर किया जिसमें उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल को जो नामांकन पत्र दाखिल किया था उसमे ‘हाँ’ ग़लती से लिख दिया था|

चुनाव आयोग के एक अधिकारी का कहना है कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में प्रावधान है कि हर वो केंद्र या राज्य सरकार का कर्मचारी जिसकी सेवा किसी भी आरोप में बर्खास्त की गई हो, वो पांच सालों तक चुनाव नहीं लड़ सकता है|

वाराणसी लोक सभा की सीट से कुल 101 नामांकन दाख़िल किए गए हैं जिनमे से 71 नामांकन पत्रों को ख़ारिज कर दिया गया है|

घटिया खाने को लेकर उठाई थी आवाज़

तेज बहादुर ने साल 2017 में बीएसएफ में मिल रहे खाने को घटिया बताते हुए विडियोज बनाए थे| सोशल मीडिया पर आने के बाद वे सभी विडियोज वायरल हो गए थे, जिसके बाद तेज चर्चा में आ गए| तेज बहादुर ने बताया था कि अफसरों से शिकायत करने पर भी कोई सुनने वाला नहीं है यहां तक कि गृहमंत्रालय को भी चिट्ठी लिखी लेकिन कुछ नहीं हुआ| तेज बहादुर के उस वीडियो के बाद सेना सहित राजनीतिक गलियारों में कुछ दिन तक हलचल मच गई थी| इस मामले की जांच हुई, जिसके बाद तेज बहादुर को उनको बर्खास्त कर दिया गया| जनवरी, 2019 में तेज बहादुर के 22 साल के बेटे की संदिग्‍ध स्थितियों में मौत हो गई थी| वह अपने कमरे में बंदूक के साथ मृत पाया गया था|

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Tej Bahadur Yadav's nomination rejected
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चुनाव आयोग ने पूर्व जवान तेज बहादुर यादव का नामांकन आज रद्द कर दिया है| समाजवादी पार्टी की ओर से उम्मीदवार के तौर पर उतरे तेज बहादुर यादव वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे टक्कर दे रहे थे|
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THE POLICY TIMES