बेटियों के गिरते लिंग अनुपात से गुस्साएं छात्रों ने लगाए ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के नारे

गुजरात के डांग जिले के तीन तालुकों में फैले चार स्कूलों में, 9,500 से अधिक छात्रों ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगाया

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गुजरात के डांग जिले के तीन तालुकों में फैले चार स्कूलों में,9,500 से अधिक छात्रों ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगाया जिसमे से 5,137 लड़कियां और 4,391 लड़के शामिल थे| शुक्रवार को गुस्साए छात्रों ने 40 मिनट तक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगाया| डांग जिला कलेक्टरेट द्वारा आयोजित प्रतियोगिता का मकसद बालिका को बचाने के बारे में जागरूकता पैदा करना था|  और दक्षिण गुजरात के जनजातीय वर्चस्व वाले जिले में होने का कारण लड़कियों का तेज़ी से गिरता सेक्स रेश्यो है| 2011 की जनगणना के अनुसार डांग में सेक्स रेश्यो मर्दों का 1,006 था और महिलाओं का रेश्यो1,000 था और वहीँ इस साल की जो सिविल पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) डेटा के अनुसार इस वर्ष 917पर रुक गया|

आयोजन का करने का मुख्य कारण यह था की जिला (डांग) पूरी तरह जनजातीय प्रभुत्व हो और यहां पिछले 2011 की जनगणना के दौरान, लिंग अनुपात अधिक था। लेकिन समय बीतने के बाद, यह नीचे जाना शुरू कर दिया। IX, X, XI और XII केछात्रों की अगले कुछ वर्षों में शादी होगी। एक बार शादी करने के बाद उन्हें अपने बच्चे को शिक्षित करने और बेटियों को मारने के जगह बचाने के बारे में सोचना चाहिए और उन नारों को याद रखना चाहिए जो कभी उन लोगों ने लगाए थे|अधिकारी मेघा मेहता ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया उनके अनुसार जो महिलाएं सेक्स डेटर्मिनेशन टेस्ट करवाती है और लड़की का पता चलने पे एबॉर्शन करवा लेती है| हमें इन्ही माँ बाप में जागरूकता फैलानी है की हम डांगों में लड़कियों औरलड़कों को शिक्षित कर सके यहाँ की लड़कियों ने प्रकृति के चक्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है|

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जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के समन्वय में, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सभी 62 सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश दिया कि सभी छात्रों को नारा-लेखन कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति दी जाए। सुबीर, वाघई और अहवा तालुकोंके चार स्कूलों को प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए केंद्रों के रूप में चुना गया था। जिले प्रशासन द्वारा अपने स्वयं के स्कूलों के केंद्रों के छात्रों के लिए पिक-अप और ड्रॉप सुविधाएं भी व्यवस्थित की गईं।अहवा केंद्र में भारत के प्रतिनिधियों के रिकॉर्ड्स भी मौजूद थे, जहां सभी लेखन पत्र लाए गए थे। अधिकारियों ने पाया कि 9,528 छात्रों ने 21,48,305 बार नारे लगाए|  एक समय में लड़कियों को बचाने और शिक्षित करने पर नारे लगाने वाले अधिकांशछात्रों ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया । प्रतिनिधियों ने बाद में डांग जिला कलेक्टर बी के कुमार को रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र सौंप दिया|

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 Slogans of 'Beti Bachao Beti Teacho' by students annoyed by the falling sex ratio of daughters
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Slogans of 'Beti Bachao Beti Teacho' by students annoyed by the falling sex ratio of daughters
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गुजरात के डांग जिले के तीन तालुकों में फैले चार स्कूलों में, 9,500 से अधिक छात्रों ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगाया
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The Policy Times
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