अगर सत्ता में आए तो नीति आयोग को खत्म करेंगे: राहुल गाँधी

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लोकसभा चुनाव के पहले विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की ओर एक बार फिर पार्टी ने बड़ा ऐलान किया है| कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने शुक्रवार को बड़ा वादा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी की सरकार बनी तो नीति आयोग को खत्म किया जाएगा और इसके स्थान पर एक छोटे आकार वाले योजना आयोग का गठन किया जाएगा जिसमें जानेमाने अर्थशास्त्री एवं विशेषज्ञ शामिल होंगे| इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि नीति आयोग के पास प्रधानमंत्री के लिए मार्केटिंग करने और फर्जी आंकड़े तैयार करने के सिवाय कोई काम नहीं हैं| गौरतलब है कि 2014 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद उनकी सरकार ने योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग का गठन किया था|

राहुल गाँधी ने ट्वीट कर कहा, ‘अगर सत्ता में आए तो हम नीति आयोग को खत्म करेंगे| प्रधानमंत्री के लिए मार्केटिंग की प्रस्तुति देने और आंकड़ों में हेरफेर करने अलावा इससे कोई मकसद हल नहीं हुआ| उन्होंने कहा कि नीति आयोग के स्थान पर हम एक छोटा योजना आयोग बनाएंगे जिसके सदस्य जाने-माने अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ होंगे| इसमें 100 से कम कर्मचारी होंगे|

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नीति आयोग की संचालन परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, सभी केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, कई मामलों के विशेषज्ञ और पेशेवर शामिल हैं| नीति आयोग के सांगठनिक ढांचे में प्रधानमंत्री के अलावा एक उपाध्यक्ष, पूर्ण कालिक सदस्य, अंशकालिक सदस्य, पदेन सदस्य, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एक सचिवालय की भी व्यवस्था की गई है|

हाल ही में नीति आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार ने कांग्रेस की न्याय यानी न्यूनतम आय योजना को देश के लिए अनुचित बताया था| उन्होंने कहा था कि न्याय से राजकोषीय घाटा 3.5 फीसदी से बढ़कर 6 फीसदी हो जाएगा| ये स्कीम चांद को तोड़कर लाने जैसी है जिसको पूरा कर पाना मुमकिन नहीं है| इसके बाद चुनाव आयोग ने इस बयान को लेकर राजीव कुमार को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है|

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वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल की वायनाड़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की संभावना को खारिज नहीं करते हुए कहा है कि अतीत में पार्टी के कई नेताओं ने एक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा है और उनके विषय में पार्टी जल्द फैसला करेगी| हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेठी हमेशा उनकी ‘कर्मभूमि’ बनी रहेगी| प्रियंका गांधी को लोकसभा चुनाव लड़ाने की पार्टी नेताओं की मांग पर गांधी ने कहा कि यह फैसला उन्हें करना है कि वह चुनाव लड़ेंगी या नहीं|

दरअसल, प्रियंका ने चुनाव लड़ने से जुड़े कार्यकर्ता के आग्रह के जवाब में बृहस्पतिवार को कहा कि वह वाराणसी से चुनाव नहीं क्यों नहीं लड़ें? इस बयान के बाद उनके चुनाव लड़ने को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं| राहुल गांधी ने ‘पीटीआई’ को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा कि अमेठी उनकी कर्मभूमि है और हमेशा रहेगी| बहरहाल, उन्होंने किसी और भी सीट से चुनाव लड़ने से मना नहीं किया|