प्रधानमंत्री आवास नहीं, तीन कमरों के बेडरूम में रहेंगे इमरान खान… क्या पाकिस्तान की तस्वीर बदल पायेंगे नए पीएम?

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इमरान खान ने अपने सरकार के पहले 100 दिन का प्लान पेश कर दिया है लेकिन अधिकांश सुधारों में लम्बा वक़्त लगेगा| उन्होंने कहा था प्रधानमंत्री बनने के बाद वह पाकिस्तान बदल देंगे| आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के खर्चे के साथ ही उन्होंने अपने ऊपर होने वाले खर्चे में भी कमी की है| वह अपने और देश के खर्चे को कैसे घटाएंगे इस बारे में उन्होंने महत्वपूर्ण बदलाओं किए है| वे प्रधानमंत्री आवास की लग्ज़री ज़िन्दगी छोड़कर सैन्य सचिव के तीन बेडरूम वाले आवास में रहेंगे|

जैसा कि उन्होंने अपने पहले संबोधन में कहा था कि प्रधानमंत्री निवास में 524 नौकर और 80 कारें हैं| प्रधानमंत्री यानी मेरे पास 33 बुलेटप्रूफ कारें भी हैं| उड़ने के लिए हेलीकॉप्टर और विमान भी हमारे पास हैं| हमारे यहां गवर्नर का विशाल आवास है और आराम की हर वो चीज़ है जिसकी कल्पना की जा सकती है|

इमरान खान ने कहा, “एक तरफ हमारे पास अपने लोगों पर खर्च करने के लिए पैसे नहीं है दूसरी तरफ हमारे यहां का कुछ लोग काफी ऐशो-आराम से रहते थे| उनकी सरकार बाकी बुलेट प्रूफ कारों को नीलाम करेगी और कारोबारियों को उन्हें खरीदने का न्योता देगी|

पाकिस्तान में नए प्रधानमंत्री को लेकर उनके युवा समर्थक आशावान है कि इमरान खान देश को भ्रष्टाचार मुक्त और समृद्ध नया पाकिस्तान बनाएंगे।

40 प्रतिशत से ज्यादा निरक्षरता वाले देश पाकिस्तान में पीएम खान ने शिक्षा व्यवस्था और अस्पताल को वर्ल्ड क्लास बनाने का वादा किया है| खान की पार्टी के लिए चुनावों में काम करने वाले शेख फरहाज कहते हैं, ‘मैंने अपनी बेटी को प्राइवेट स्कूल से निकालकर सरकारी में डाला है क्योंकि हमें भरोसा है कि पाकिस्तान बदलने वाला है।’

इमरान ने अपने संबोधन में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र की कमियों को उजागर किया था। उन्होंने कहा कि, मौजूदा समय में देश उन पांच देशों में शामिल है, जहां दूषित पानी के इस्तेमाल के कारण नवजात मृत्युदर सबसे अधिक हैं। यहां गर्भवती महिलाओं की मृत्युदर सबसे ज्यादा है। दुर्भाग्य से हम उन देशों में शामिल है जहां 45 फीसदी से अधिक बच्चे कुपोषण के कारण मर जाते हैं। मानव विकास सूचकांक में पकिस्तान की हालत बेहद ख़राब है|

यूनिसेफ की जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में हर 22 बच्चों में से एक बच्चा जन्म के 30 दिनों के अंदर ही दम तोड़ देता है। पाकिस्तान में नवजात मृत्यु दर (mortality rate) 45.6 का है। यानी हर एक हज़ार बच्चों में 45.6 बच्चे मर जाते हैं।

उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वे ये सब इसलिए कह रहे है क्योंकि हम इन तमाम चीजों को बदलने की कोशिश करेंगे। वहीं इमरान ने इन कामों में देशवासियों से भी मदद की अपील की है।

क़र्ज़ से उभर पाएगा पाकिस्तान ?

इमरान खान ने मौजूदा ऋण संकट के लिए कहा कि पिछले 10 सालों में देश का कर्ज बढ़कर 28000 अरब रूपए हो गया है।

इमरान खान ने कर्ज लेने की जगह कर सुधारों पर काम करने पर ज़ोर दिया है|

इमरान खान ने पाकिस्तान की खस्ताहाल हो चुकी आर्थिक हालातों के बारे में बताया कि हमारे कर्ज पर जो ब्याज हमें चुकाना है वह इस स्तर तक पहुंच गया है कि हमें अपनी देनदारियों का भुगतान करने के लिए और कर्ज लेना होगा।