लालकृष्ण अडवानी ने तोड़ी चुप्पी… कहा, असहमति रखने वालों को कभी राष्ट्र विरोधी नहीं कहा

पूर्व उप-प्रधानमंत्री और भाजपा नेता लालकृष्ण अडवानी ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले अपने ब्लॉग के सहारे चुप्पी तोड़ी है और इसके साथ ही भाजपा के तौर तरीके पर सवाल उठाया है| लाल कृष्णा अडवानी ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि बीजेपी ने शुरू से ही राजनीतिक विरोधियों को दुश्मन नहीं माना| जो हमसे राजनीतिक तौर पर सहमत नहीं हैं इन्हें देश विरोधी नहीं कहा|

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पूर्व उप-प्रधानमंत्री और भाजपा नेता लालकृष्ण अडवानी ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले अपने ब्लॉग के सहारे चुप्पी तोड़ी है और इसके साथ ही भाजपा के तौर तरीके पर सवाल उठाया है| लाल कृष्णा अडवानी ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि बीजेपी ने शुरू से ही राजनीतिक विरोधियों को दुश्मन नहीं माना| जो हमसे राजनीतिक तौर पर सहमत नहीं हैं इन्हें देश विरोधी नहीं कहा|

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आडवाणी ने आगे लिखा कि उनके जीवन का सिद्धांत रहा है पहले राष्ट्र, फिर दल और अंत में ‘मैं’ और मैंने हमेशा उस पर चलने की कोशिश की है| भारतीय लोकतंत्र की ख़ासियत रही है विविधता और अभिव्यक्ति की आज़ादी| बीजेपी ने शुरुआत से ही अपने विरोधियों को दुश्मन नहीं माना| हमसे सहमत न रहने वालों को भी कभी राष्ट्र विरोधी नहीं कहा| सत्य, राष्ट्र निष्ठा व लोकतंत्र पर मेरी पार्टी का विकास हुआ|

लालकृष्ण आडवाणी को इस बार लोकसभा चुनाव में पार्टी ने टिकट नहीं दिया गया और और उनकी पारंपरिक गांधीनगर सीट में इस बार भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चुनाव लड़ रहे हैं| वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी के भीतर और वृहद राष्ट्रीय परिदृश्य में लोकतंत्र एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा भाजपा की विशिष्टता रही है| इसलिए भाजपा हमेशा मीडिया समेत सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और उनकी मजबूती को बनाए रखने की मांग में सबसे आगे रही है|

पूर्व उपप्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक एवं चुनावी फंडिंग में पारदर्शिता सहित चुनाव सुधार भ्रष्टाचार मुक्त राजनीति के लिए उनकी पार्टी की एक अन्य प्राथमिकता रही है| उन्होंने कहा, ‘संक्षेप में पार्टी के भीतर और बाहर सत्य, निष्ठा और लोकतंत्र के तीन स्तम्भ संघर्ष से मेरी पार्टी के उद्भव के मार्गदर्शक रहे हैं| इन मूल्यों का सार सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सुराज में निहित है जिस पर मेरी पार्टी अडिग रही है|’

आडवाणी ने कहा कि आपातकाल के खिलाफ अभूतपूर्व संघर्ष इन मूल्यों का प्रतीक रहे हैं| उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि समग्र रूप से भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूती प्रदान करें| आडवाणी ने 2015 के बाद पहली बार अपने ब्लॉग पर कोई पोस्ट डाली है|

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पीएम मोदी ने दी प्रतिक्रिया

इस बात पर लालकृष्ण अडवानी को प्रतिक्रया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आडवाणी जी ने बीजेपी की मूल भावना को व्‍यक्‍त किया है| पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘आडवाणी जी बीजेपी का असली सार बताते हैं| विशेष रूप से, देश पहले, उसके बाद पार्टी और अंत में ‘मैं’ के मंत्र को महत्वपूर्ण तरीके से रखा गया है| बीजेपी कार्यकर्ता होने पर मुझे गर्व है और गर्व है कि लालकृष्ण आडवाणी जी जैसे महान लोगों ने इसे मजबूत किया है|

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LK Advani breaks silence: BJP opponents not anti-national
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पूर्व उप-प्रधानमंत्री और भाजपा नेता लालकृष्ण अडवानी ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले अपने ब्लॉग के सहारे चुप्पी तोड़ी है और इसके साथ ही भाजपा के तौर तरीके पर सवाल उठाया है| लाल कृष्णा अडवानी ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि बीजेपी ने शुरू से ही राजनीतिक विरोधियों को दुश्मन नहीं माना| जो हमसे राजनीतिक तौर पर सहमत नहीं हैं इन्हें देश विरोधी नहीं कहा|
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The Policy Times