पीएम मोदी की प्रेस कांफ्रेंस अखबारों की लीड खबर बनी, पर कंटेंट नहीं… विदेशी मीडिया में भी हुई चर्चा!

जब सवालों का सिलसिला शुरू हुआ तब अमित शाह ने ही सारे सवालों का जवाब दिया| प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को यह उम्मीद थी कि पिछले पांच सालों में जिन प्रश्नों का जवाब प्रधानमंत्री ने नहीं दिया, अब वह मौका है जिसमें उनके जवाब शायद मिल पाए लेकिन पत्रकारों को निराशा ही हाथ लगी|

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Narendra Modi press conference
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सालों में पहली बार प्रेस कांफ्रेंस की लेकिन अजीब बात ये थी कि पत्रकारों द्वारा पूछे जाने वाले सारे सवालों का जवाब प्रधानमंत्री की बजाय भाजपा अध्यक्ष अमित शाह दे रहे थे| यह प्रेस कांफ्रेंस करीब 53 मिनट की थी जिसमें 12 मिनट तक प्रधानमंत्री मोदी ने पत्रकारों से कहा ‘नमस्कार दोस्तों, पहले तो मेरा यही काम रहता था कि पार्टी दफ्तर में शाम को आकर लोगों के साथ चाय पीना| मुझे अच्छा लगा आज आपके बीच आने का अवसर मिला| मेरे आने में थोड़ी देर हो गई| थोड़ा इंतजार करना पड़ा| मैं मध्य प्रदेश में था| वहीं से सीधा आपके बीच पहुंचा हूं| इसके बाद शायद अध्यक्ष जी (अमित शाह) ने मेरे लिए कोई काम नहीं रखा है|

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जब सवालों का सिलसिला शुरू हुआ तब अमित शाह ने ही सारे सवालों के जवाब रखे| प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को यह उम्मीद थी कि पिछले पांच सालों में जिन प्रश्नों का जवाब प्रधानमंत्री ने नहीं दिया, अब वह मौका है जिसमें उनके जवाब शायद मिल पाए लेकिन पत्रकारों को निराशा ही हाथ लगी|

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुरुआती टिप्पणी के अलावा प्रधानमंत्री ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया| पत्रकारों ने उनसे जो भी सवाल आए, वो उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को सौप दिया| अमित शाह ने पीएम से पूछे गए सवालों का जवाब दिया|

कुछ पत्रकारों ने प्रधानमंत्री मोदी से सीधा जवाब मांगने की कोशिश भी की लेकिन प्रधानमंत्री ने यह कह कर टाल दिया कि ‘मैं एक अनुशासित सिपाही हूं| पार्टी अध्यक्ष हमारे लिए सब कुछ हैं|’

इस तरह प्रधानमंत्री मोदी पत्रकारों के सवाल से बाख तो गए लेकिन देशभर पांच साल बाद हुई प्रेस कांफ्रेंस उसे लेकर देश भर के हर कोने में निंदा ही हो रही है|

अखबारों की लीड खबर, पर कंटेंट नहीं

बीबीसी में प्रधानमंत्री मोदी की प्रेस कांफ्रेंस को लेकर एक रिपोर्ट छपी है जिसमें विस्तृत तौर पर अखबारों की कवरेज को साफ़ तौर पर दिखाया गया है| एक जगह यह बात कही गई कि अधिकतर अख़बारों में प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया को प्राथमिकता दी गई है और उसे मुख्य सुर्ख़ी बनाया गया है| कोलकाता से छपने बाले अख़बार ‘द टेलिग्राफ’ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को अपने पहले पन्ने पर जगह दी है| अपने आधे पन्ने के कवरेज में अख़बार ने न हेडिंग में और न ही कंटेंट में एक शब्द लिखा है|

अख़बार ने सब-हेडिंग में लिखा है ‘26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नरेंद्र मोदी शुक्रवार की दोपहर प्रेस के सामने पहली बार आए|’ 1817 दिनों के बाद हुई उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद देश के पास कहने को कोई शब्द नहीं है|

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने साध्वी के बयान पर मोदी की प्रतिक्रिया को पहली ख़बर बनाया है| हालांकि मोदी की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को उसने इस ख़बर के बीच छोटी सी जगह दी है जिसमें अख़बार ने भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलने के मोदी के दावों का ज़िक्र किया है|

वहीं, ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने अपने सब हेडिंग में लिखा है, ‘प्रधानमंत्री पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखे, लेकिन सवालों को लेने से इनकार किया|’

‘द हिंदू’ अख़बार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी के दिए दावे को हेडिंग बनाया है| अख़बार ने लिखा है, ‘तय प्रेस कॉन्फ्रेंस में अचानक मोदी पहुंचे| उन्होंने शुरुआती टिप्पणी तो की लेकिन वो लगातार अपने सवालों को अमित शाह की तरफ़ टालते चले गए|’

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने साध्वी प्रज्ञा के समर्थन में उतरे दूसरे भाजपा नेताओं की ख़बर को लीड ख़बर बनाया है| अख़बार ने कैप्शन में लिखा है कि ‘अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी उपस्थित थे लेकिन सवालों को लेने से इनकार किया|’

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दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अंग्रेज़ी अख़बार ‘द स्टेट्समैन’ ने पीएम मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस को लीड ख़बर बनाई है| अख़बार की हेडिंग है, ‘पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री ने कठिन सवालों को शाह की तरफ़ मोड़ा| ‘द स्टेट्समैन’ आगे लिखता है, ‘शुरुआती टिप्पणी को छोड़कर मोदी पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुप रहे| सवाल जवाब के दौरान शाह ही सभी सवालों के जवाब देते रहे|

वहीँ, विदेशी मीडिया में भी यह प्रेस कांफ्रेंस यह खबर चाई रही | संयुक्त अरब अमीरात का सबसे बड़े अंग्रेजी अख़बार ‘गल्फ़ न्यूज़’ ने लिखा, ‘ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ट्विटर पर इसकी चर्चा ख़ूब हुई क्योंकि यह उनका पहला प्रेस कॉन्फ्रेंस था| लोगों को लग रहा था कि वो सवालों का सामना करेंगे पर उन्होंने ऐसा नहीं किया|’ दूसरी ओर, ‘वॉइस ऑफ अमेरिका’ ने लिखा, ‘आलोचकों का कहना है कि टीवी इंटरव्यू से पहले मोदी को मालूम होता है कि उनसे क्या पूछा जाएगा और वो सवाल नरम और ख़ुशामद करने वाले होते हैं|’

यह खबर बीबीसी से साभार है.

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Narendra Modi press conference
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जब सवालों का सिलसिला शुरू हुआ तब अमित शाह ने ही सारे सवालों का जवाब दिया| प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को यह उम्मीद थी कि पिछले पांच सालों में जिन प्रश्नों का जवाब प्रधानमंत्री ने नहीं दिया, अब वह मौका है जिसमें उनके जवाब शायद मिल पाए लेकिन पत्रकारों को निराशा ही हाथ लगी|
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The Policy Times