गुवाहाटी पहुंचने पर पीएम मोदी को दिखाए गए काले झंडे, अब पुतला जलाने की धमकी

असम में नागरिकता बिल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उन्हें शनिवार को दूसरे दिन भी दो जगह काले झंडे दिखाए गए। इससे पहले शुक्रवार शाम को ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के सदस्यों ने हवाई अड्डे से राजभवन जाते समय प्रधानमंत्री मोदी को काले झंडे दिखाए थे और बिल के खिलाफ नारे भी लगाए थे।

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असम में नागरिकता बिल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उन्हें शनिवार को दूसरे दिन भी दो जगह काले झंडे दिखाए गए। इससे पहले शुक्रवार शाम को ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के सदस्यों ने हवाई अड्डे से राजभवन जाते समय प्रधानमंत्री मोदी को काले झंडे दिखाए थे और बिल के खिलाफ नारे भी लगाए थे।

आसू सदस्यों के एक अन्य समूह ने कुछ मिनट के बाद तेजी से जा रहे मोदी के काफिले को काले झंडे दिखाये। इस दौरान ‘मोदी वापस जाओ’, ‘नागरिकता संशोधन विधेयक वापस लो’ जैसे नारे लगाए गये। इससे पहले असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) और 70 सामाजिक संगठनों ने नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा के दौरान उन्हें काला झंडा दिखाने और आंदोलन करने की शुक्रवार को घोषणा की थी।

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शनिवार को पीएम मोदी कई परियोजनाओं का उद्धाटन करेंगे और असम, त्रिपुरा एवं अरुणाचल प्रदेश में जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। आसु ने गुवाहाटी में काले झंडों के साथ पीएम ऑफिस के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया। पीएम मोदी की सुरक्षा के लिए राज्य प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। इससे पहले आसु और 38 अन्य संगठनों ने स्वदेशी समूहों का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यभर में बिल की प्रतियां जलाई थीं।

आसु के चीफ अडवाइजर सामुज्जल भट्टाचार्य का कहना है, “यह एक सरकारी योजना है। एम्स, ब्रह्मपुक्ष पर ब्रिज सभी असम एकोर्ट का हिस्सा है। हमें विकास की जरूरत है लेकिन हमें बिल नहीं चाहिए। विरोध में शामिल लोगों की संख्या पीएम की जनसभा में शामिल लोगों से अधिक होगी। हम पीएम के पुतले भी जलाएंगे।”

असम के एक मंत्री सिद्धार्थ भट्टाचार्य का इसपर कहना है कि जो भी लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, सभी कांग्रेस के सहयोगी हैं। इनसे और उम्मीद भी क्या की जा सकती है? त्रिपुरा से मकपा के तीन सांसदों का कहना है कि वह भी पीएम की यात्रा का बहिष्कार करेंगे।

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विवादास्पद विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) प्रमुख अखिल गोगोई ने कहा कि शनिवार को यहां मोदी के होने वाले दौरे को पूरे राज्य में ‘काला दिवस’ के तौर पर मनाया जाएगा और 70 संगठनों के सदस्य उन्हें काला झंडा दिखाएंगे।

केएमएसएस नेता ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की देश में स्थिति ठीक नहीं है और उनकी रणनीति पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर से अधिकतम सीटें जीतने की है इसलिए भाजपा ने नागरिकता संशोधन विधेयक की राह चुनी। आसू के प्रमुख सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने बताया कि उनके संगठन ने शुक्रवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में मोदी के पुतले जलाए। लोकसभा में आठ जनवरी को नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 पारित किये जाने के बाद मोदी पहली बार असम के दौरे पर आ रहे हैं।

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On reaching Guwahati, black flags, shown to PM Modi,Now threatens to burn the effigy |
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असम में नागरिकता बिल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उन्हें शनिवार को दूसरे दिन भी दो जगह काले झंडे दिखाए गए। इससे पहले शुक्रवार शाम को ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के सदस्यों ने हवाई अड्डे से राजभवन जाते समय प्रधानमंत्री मोदी को काले झंडे दिखाए थे और बिल के खिलाफ नारे भी लगाए थे।
Publisher Name
The Policy Times