“कोरोना का इलाज समझ ईरान में लोग महीनों से पी रहे जहरीली अल्कोहल, अब तक 700 से ज्यादा की मौत”

अब तक कोरोना वायरस का कोई भी इलाज सामने नहीं आया है लेकिन ईरान में कोरोना वायरस के इलाज का अंधविश्वास 700 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है।

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अब तक कोरोना वायरस का कोई भी इलाज सामने नहीं आया है लेकिन ईरान में कोरोना वायरस के इलाज का अंधविश्वास 700 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है।

कोरोना संकटकाल में एक बड़ी समस्या है फर्जी खबरें। तमाम देशों में फर्जी खबरें, अफवाह और अंधविश्वास कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी बाधा बना हुआ है। ईरान में अफवाह के चलते 700 से अधिक लोगों की जान चली गई है। दरअसल यहां लोगों ने गलत विश्वास के चलते जहरीला मेथनॉल पी लिया जिससे 700 से अधिक लोगों की जान चली गई। इन लोगों के बीच इस तरह की खबर फैली कि मेथनॉल पीने से कोरोना वायरस खत्म हो जाएगा, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इस पीना शुरू कर दिया।

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि मेथनॉल पीने से यह अभी तक की सर्वाधिक मौत है। मौत के आंकड़ों में इसलिए भी अंतर है क्योंकि तकरीबन 200 लोगों की मौत अस्पताल के बाहर हुई है, इन लोगों ने इसमे से कुछ लोग जहरीली शराब पीकर मर गए हैं। पिछले कुछ वर्षों की बात करें तो सरकार ने जो रिपोर्ट साझा की है उसके अनुसार पिछले एक वर्ष में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या में 10 गुना का इजाफा हुआ है। आधिकारियों ने बताया कि 20 फरवरी से 7 अप्रैल के बीच 728 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता किन्यौस जहानपुर ने कहा कि 5,011 लोगों ने मेथनॉल अल्कोहल पीया। उन्होंने साथ ही कहा लगभग 90 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है या शराब के जहर से आंखों की क्षति हुई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के सलाहकार होसैन हसैनियन ने कहा कि आंखों की रोशनी खोने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक हो सकती है।ईरान 5,806 मौतों और 91,000 से अधिक मामलों के साथ मध्य पूर्व में कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित देश है।मेथनॉल को तो सूंघा जा सकता है और ही इसे पिया जा सकता है।यह विलंबित अंग और मस्तिष्क क्षति का कारण बनता है। इसके लक्षणों में छाती में दर्द, मतली, हाइपरवेंटिलेशन, अंधापन और यहां तक ​​कि कोमा भी शामिल है।

बता दें कि मेथनॉल को सूंघकर या इसके स्वाद से पता नहीं किया जा सकता है, यही वजह है कि इसके दुष्प्रभाव देर से पता चलते हैं। यह अंगों पर देर से प्रभाव डालता है, दिमाग को बुरी तरह से प्रभावित करता है। इसे पीने से छाती में दर्द, मिचली आना, आंख से कम दिखाई देने जैसे लक्षण होते हैं। ईरान में सरकार ने यह साफ कर रखा है कि मेथनॉल बनाते समय में इसमे आर्टिफिशियल रंग मिलाया जाए ताकि लोग इसकी पहचान कर सकें और इथनॉल मेथनॉल में फर्क समझ सकें इथनॉल का इस्तेमाल घाव को साफ करने में होता है और यह शराब में भी पाया जाता है, लेकिन ईरान में इसे बनाए जाने पर पाबंदी है।

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THE POLICY TIMES
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