सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को लगाई फटकार, मनमर्जी से अदालत नहीं आ सकते सरकारी विभाग

सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अवकाश याचिका दाखिल करने में अप्रत्याशित देरी करने पर बिहार सरकार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि देरी के लिए सरकारी काम में देरी को बहाना नहीं बनाया जा सकता है। लाइव लॉ के अनुसार, पटना हाईकोर्ट के एकल पीठ के एक फैसले को चुनौती देते हुए बिहार सरकार ने 367 दिन बाद पटना हाईकोर्ट के दो जजों की पीठ में याचिका दाखिल की थी।

0
Supreme Court rebukes Bihar government, said - Manmariji can not come to court
47 Views

सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अवकाश याचिका दाखिल करने में अप्रत्याशित देरी करने पर बिहार सरकार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि देरी के लिए सरकारी काम में देरी को बहाना नहीं बनाया जा सकता है। लाइव लॉ के अनुसार, पटना हाईकोर्ट के एकल पीठ के एक फैसले को चुनौती देते हुए बिहार सरकार ने 367 दिन बाद पटना हाईकोर्ट के दो जजों की पीठ में याचिका दाखिल की थी।

Related Article:सुप्रीम कोर्ट ने ‘फेक न्यूज़’वाली याचिका ख़ारिज की…वहीँ, सिंगापूर ने फर्जी ख़बरों पर कानून बनाने का ऐलान किया

बिहार सरकार की तरफ से की गई 367 दिनों की देरी का कोई कारन नहीं देखते हुए पटना हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद पटना हाईकोर्ट की खंडपीठ के आदेश के 728 दिनों बाद सुप्रीम कोर्ट के सामने एक विशेष अवकाश याचिका दाखिल की गई थ। बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस देरी का कारण बताया कि उन्हें यह देरी संबंधित विभागों से हलफनामा और वकालतनामा प्राप्त करने में लगे समय के कारण हुई। इस पर जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने कहा की हमारा विचार है कि एक साफ संदेश सरकार के विभागों को भेजा जाना है कि वे अपने अधिकारियों की घोर अक्षमता के कारण और जब भी वे चाहें, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई किए बिना अदालत में संपर्क नहीं कर सकते हैं।

Related Article:पारदर्शिता के नाम पर संस्था को नष्ट नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आगे कहा, अदालत ने पाया कि इस विशेष अवकाश याचिका को दाखिल करने का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट से खारिज किए जाने का प्रमाणपत्र पाना है। यह पूरी तरह से न्यायिक समय की बर्बादी है और याचिकाकर्ता को निश्चित तौर पर इसकी कीमत चुकानी होगी। इस विशेष अवकाश याचिका को खारिज करते हुए पीठ ने बिहार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे कानूनी मामलों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करें। पीठ ने यह भी कहा कि इस देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जुर्माने की राशि वसूली जाएगी।

Summary
Article Name
Supreme Court rebukes Bihar government, said - Manmariji can not come to court
Description
सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अवकाश याचिका दाखिल करने में अप्रत्याशित देरी करने पर बिहार सरकार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि देरी के लिए सरकारी काम में देरी को बहाना नहीं बनाया जा सकता है। लाइव लॉ के अनुसार, पटना हाईकोर्ट के एकल पीठ के एक फैसले को चुनौती देते हुए बिहार सरकार ने 367 दिन बाद पटना हाईकोर्ट के दो जजों की पीठ में याचिका दाखिल की थी।
Author
Publisher Name
The Policy Times