यूएन अपने रिपोर्ट में भारत को ज़िम्मेदार ठहराया; कहा जम्मू-कश्मीर में हो रहा है मानवाधिकार का उल्लंघन

संयुक्त राष्ट्र ने भारत के सन्दर्भ में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमे जम्मू-कश्मीर में हुए मानवाधिकार उल्लंघन का रिकॉर्ड पेश किया है| रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय प्रशासित और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर दोनों में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में बात कही है|

0
225 Views

संयुक्त राष्ट्र ने भारत के सन्दर्भ में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमे जम्मू-कश्मीर में हुए मानवाधिकार उल्लंघन का रिकॉर्ड पेश किया है| रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय प्रशासित और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर दोनों में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में बात कही है| साथ ही इन दुर्व्यवहारों की अंतर्राष्ट्रीय जांच की मांग की है।

बता दें कि यह पहली बार है जब यूएनएचआरसी ने कश्मीर और पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन पर एक रिपोर्ट जारी की है।

क्या कहती है यूएन रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने कश्मीर में बढ़ रहे मानवधिकार उल्लंघन के मद्देनज़र कुछ विशेष मांग की है| रिपोर्ट में सशस्त्र बलों (जम्मू-कश्मीर) विशेष शक्ति अधिनियम, 1990 को ‘तत्काल’ हटाने की मांग की है और नागरिक अदालतों में मानवाधिकारों के उल्लंघनों के आरोपी सुरक्षा बलों के कर्मियों पर मुकदमा चलाने के पूर्व केंद्रीय सरकार की अनुमति की आवश्यकता को तत्काल समाप्त करने की भी मांग रखी है।

रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकारों के सकल उल्लंघन के बारे में भी बात की है। पिछले और चल रहे मानवाधिकार उल्लंघनों को संबोधित करने की ‘तत्काल आवश्यकता’ पर भी ज़ोर दिया। संयुक्त राष्ट्र अधिकार निकाय ने कश्मीर विवाद के राजनीतिक समाधान के लिए भी आग्रह किया है जो पिछले और वर्तमान मानवाधिकार उल्लंघन के लिए उत्तरदायित्व को स्पष्ट करेगा।

इसने भारतीय सेना द्वारा हिजब-उल-मुजाहिदीन आतंकवादी बुरहान वानी की हत्या के बारे में भी बात की है जिसने इस अवधि के दौरान घाटी में अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इन समूहों के मानवाधिकारों और यौन हिंसा के अपहरण और हत्याओं सहित मानव अधिकारों के दुरुपयोग की विस्तृत श्रृंखला बनाने वाले साक्ष्य दस्तावेज किए गए हैं।

Related Articles:

सिविल सोसाइटी समूहों के अनुमान के मुताबिक बुरहान वानी की हत्या के बाद कश्मीर में हुए विरोध प्रदर्शनों में भारतीय सुरक्षा बलों ने शॉटगन का इस्तेमाल किया था जिसमें 17 लोगों की की मौत हो गई थी वहीँ, 6000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इसके अलावा रिपोर्ट में ‘राइजिंग कश्मीर’ समाचार वेबसाइट के संपादक शुजात बुखारी का भी ज़िक्र किया है जिन्हें कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी|

दो सालों में 145 नागरिकों की हत्या

रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्मीर में जुलाई 2016 से मार्च 2018 तक सुरक्षा बलों ने 145 नागरिकों की हत्या कर दी है जिसमें से 20 आतंकवादी भी शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मानवाधिकार उल्लंघन की अतीत की और मौजूदा घटनाओं पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है। कश्मीर के हालात के किसी भी राजनीतिक समाधान में हिंसा का चक्र रोकने की प्रतिबद्धता होनी चाहिए। साथ ही पिछले और मौजूदा मानवाधिकार उल्लंघनों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ के लोग पीड़ित हैं। उन्हें या तो मानवाधिकार दिए नहीं जा रहे या बेहद सीमित दिए जा रहे हैं।

रिपोर्ट में पाकिस्तान से अपने आतंक-निरोधक कानून का दुरुपयोग खत्म करने को कहा गया है। दावा है कि अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीकों से प्रदर्शन करने वालों को इस कानून के तहत प्रताड़ित किया जाता है। वहीं, भारत को भी आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट (अफ्स्पा) तत्काल हटाने की सलाह दी गई है।

इस रिपोर्ट में कश्मीर में मानवाधिकारों के हालात एवं भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर में जून 2016 से अप्रैल 2018 तक की घटनाएं एवं आजाद जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टीस्तान में मानवाधिकारों से जुड़ी सामान्य चिंताएं जताई गई है।

रिपोर्ट पूर्वाग्रह से प्रेरित: भारत

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को भारत ने भ्रामक और पक्षपातपूर्ण बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह रिपोर्ट पूर्वाग्रह से प्रेरित है और गलत तस्वीर पेश करने का प्रयास है। यह भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है। विदेश मंत्रालय ने रिपोर्ट की मंशा पर सवाल उठाए हैं। मंत्रालय ने कहा कि काफी हद तक अपुष्ट सूचनाएं चुनिंदा तरीके से जुटाकर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। भारत ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र ने जिन समूहों को बैन किया है, उन्हें रिपोर्ट में हथियारबंद समूह कहा गया है और आतंकियों को लीडर्स।’

Summary
यूएन अपने रिपोर्ट में भारत को ज़िम्मेदार ठहराया; कहा जम्मू-कश्मीर में हो रहा है मानवाधिकार का उल्लंघन
Article Name
यूएन अपने रिपोर्ट में भारत को ज़िम्मेदार ठहराया; कहा जम्मू-कश्मीर में हो रहा है मानवाधिकार का उल्लंघन
Description
संयुक्त राष्ट्र ने भारत के सन्दर्भ में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमे जम्मू-कश्मीर में हुए मानवाधिकार उल्लंघन का रिकॉर्ड पेश किया है| रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय प्रशासित और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर दोनों में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में बात कही है|
Author
Publisher Name
The Policy Times
Publisher Logo